गोरखपुर: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर कही बड़ी बात, कुटुंब को किया संबोधित

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गोरखपुर। मोहन भागवत ने कहा कि परिवार खड़ा रहा तो संघ का कार्य निरंतर चलता रहा। जिसके बाद ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर RSS संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गोरखपुर में बड़ा बयान दिया है। फिल्म का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि यदि कश्मीरी पंडितों ने समाज को सुरक्षित किया होता तो उन्हें …

गोरखपुर। मोहन भागवत ने कहा कि परिवार खड़ा रहा तो संघ का कार्य निरंतर चलता रहा। जिसके बाद ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर RSS संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गोरखपुर में बड़ा बयान दिया है। फिल्म का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि यदि कश्मीरी पंडितों ने समाज को सुरक्षित किया होता तो उन्हें कश्मीर से बाहर नहीं आना पड़ता। उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले समाज को सुरक्षित करना होगा।

मोहन भागवत गोरखपुर के तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम के तहत संघ और विचार परिवार के सदस्यों और परिवार के लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद RSS संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार रात वाराणसी के लिए रवाना हो गए।

समाज की महत्वपूर्ण इकाई कुटुंब

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सबसे पहले समाज को सुरक्षित करना चाहिए। अगर समाज सुरक्षित नहीं रहेगा तो न कुटुंब और न ही व्यक्ति सुरक्षित रहेगा। संस्कृति पर हमला करते हुए कहा कि इसमें सिर्फ व्यक्ति प्रमुख होता है।

लेकिन हमारे यहां किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुटुंब से होती है। उन्होंने कहा कि कुटुंब सुरक्षित रखने के लिए भाषा, भोजन, भजन, भ्रमण, वेषभूषा और भवन के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि कुटुंब और व्यक्ति समाज की ही इकाई है।

संघ प्रमुख ने कहा कि अपने देश की परंपरा में समाज की महत्वपूर्ण इकाई कुटुंब है, व्यक्ति नहीं। परिवार के साथ हमें समाज की भी चिंता करनी होगी। सप्ताह में एक बार परिवार अपने कुटुंब के साथ में भोजन ग्रहण करें। अपने पूर्वज, रीति-रिवाज, क्या करना चाहिए और क्या छोडऩा चाहिए, इन विषयों पर चर्चा करें और एक मत होकर कार्य करें।

दो बार संघ पर लगा प्रतिबंध

संघ का उदाहरण देकर मोहन भागवत ने कहा कि दो बार प्रतिबंध लगने के बाद भी किसी स्वयंसेवक ने कभी माफी नहीं मांगी, क्योंकि उनके साथ पूरा परिवार खड़ा था। परिवार खड़ा रहा तो संघ का कार्य निरंतर चलता रहा। ऐसे में स्वयंसेवकों के परिवार के लोगों को भी संघ के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

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