स्मार्ट शहरों की रैंकिंग जारी, मुरादाबाद को मिला देश में 53वां स्थान
मुरादाबाद,अमृत विचार। बड़ी योजनाओं के दम पर स्मार्ट सिटी में चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश में नंबर वन और देश में बेहतर रैंक लाने का सपना देख रहे अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को देश स्तर की ताजा मासिक रिपोर्ट में झटका लगा है। जिले की रैकिंग इस बार पिछड़ी है। इस रैंकिंग में मुरादाबाद …
मुरादाबाद,अमृत विचार। बड़ी योजनाओं के दम पर स्मार्ट सिटी में चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश में नंबर वन और देश में बेहतर रैंक लाने का सपना देख रहे अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को देश स्तर की ताजा मासिक रिपोर्ट में झटका लगा है। जिले की रैकिंग इस बार पिछड़ी है। इस रैंकिंग में मुरादाबाद जिले को देश में 53 वां स्थान मिला है। जबकि जनवरी की रैकिंग में जिला 46वें नंबर पर था।
विधानसभा चुनाव की आपाधापी में वातानुकूलित ई बसों के संचालन, एयर क्वालिटी कंट्रोल बेस स्टेशन, बीस जगहों पर मुफ्त वाई फाई स्टेशन, एकीकृत सिटी कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम आदि करोड़ों रूपये की बउ़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री के हाथों कराकर अपनी पीठ थपथपाने वाला नगर निगम प्रशासन और महापौर इस बार स्मार्ट सिटी को और स्मार्ट बनाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन देश स्तर की मासिक रैकिंग में जिला 46वें स्थान से खिसक कर 53वें नंबर पर पहुंचा तो जोर का झटका धीरे से लगना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश के दस शहरों में मुरादाबाद सहारनपुर से एक कदम आगे है।
मुरादाबाद नौवें नंबर पर है। स्मार्ट सिटी की रैकिंग में मुरादाबाद जिला इस समय चौथे राउंड में पहुंच गया है। यदि योजनाओं को धरातल पर उतारने में ठोस कार्य नहीं हुआ और शहर में सफाई व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को साकार नहीं किया गया तो स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में पिछली बार प्रदेश में मिली सातवीं रैंक से भी कहीं नीचे न जाना पड़े। अभी भी वक्त है कि वातानुकूलित चैंबर और लक्जरी वाहनों से बाहर निकलकर अधिकारी और जन प्रतिनिधि ठोस बुनियादी ढांचे के विकास में शहर में काम कर दिखाएं जिससे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले की साख प्रदेश और देश में और बेहतर हो सके। क्योंकि हालिया घोषित स्मार्ट सिटी के 99 शहरों में मुरादाबाद चौथे राउंड में शामिल हो चुका है। हालांकि रैंक में सुधार होने की बजाय और कमी आई है।
नगर आयुक्त व स्मार्ट सिटी मिशन के मुरादाबाद के सीईओ संजय चौहान का कहना है कि पिछली रैंक में जिले ने बेहतर अंक हासिल किया था। इस बार इसमें कमी आई है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। यह जल्द पूरा हो जाएगा। सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए निरीक्षण और कार्रवाई का क्रम जारी है। स्थिति और बेहतर होने की पूरी उम्मीद है।
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