पीलीभीत: फीस जमा न होने पर नहीं दिया प्रवेश पत्र, बोर्ड परीक्षा छूटी
पीलीभीत, अमृत विचार। स्कूल की फीस जमा न होने की बात कहते हुए एक परीक्षार्थी को स्कूल से टरका दिया गया। हालांकि परीक्षार्थी ने प्रधानाचार्य से काफी मिन्नतें भी की। मगर, प्रधानाचार्य का दिल नहीं पसीजा। ऐसे में परीक्षार्थी की बोर्ड परीक्षा छूट गई। परिजनों ने प्रधानाचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की …
पीलीभीत, अमृत विचार। स्कूल की फीस जमा न होने की बात कहते हुए एक परीक्षार्थी को स्कूल से टरका दिया गया। हालांकि परीक्षार्थी ने प्रधानाचार्य से काफी मिन्नतें भी की। मगर, प्रधानाचार्य का दिल नहीं पसीजा। ऐसे में परीक्षार्थी की बोर्ड परीक्षा छूट गई। परिजनों ने प्रधानाचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जिले के परीक्षा केंद्रों पर गुरुवार से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। क्षेत्र के गांव धर्मापुर निवासी लखपत सिंह यादव नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा दस का छात्र है। गुरुवार सुबह लखपत सिंह ने कॉलेज पहुंचकर प्रवेश पत्र की मांग की।
बताते हैं कि प्रधानाचार्य ने फीस जमा न होने की बात कहते हुए परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र देने से इंकार कर दिया। इस दौरान परीक्षार्थी ने कई बार प्रधानाचार्य से प्रवेश पत्र देने की गुहार भी लगाई। मगर, परीक्षार्थी के काफी गिड़गिड़ाने के बावजूद उसकी गुहार को अनसुना कर दिया गया और उसे परीक्षा देने से रोक दिया गया।
इसके चलते परीक्षार्थी की परीक्षा भी छूट गई। परीक्षा में शामिल न किए जाने से मायूस परीक्षार्थी अपने घर पहुंचा। पूरे मामले की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने प्रधानाचार्य पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हठधर्मिता के चलते उनके पुत्र का भविष्य ही दांव पर लग गया है। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। हालांकि प्रधानाचार्य ने परीक्षार्थी द्वारा उनसे मिलने की बात से ही इंकार किया है।
वहीं सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय मिश्र ने कहा कि छात्र द्वारा पिछले दो साल से शुल्क जमा नहीं किया गया। नवंबर से विद्यालय भी नहीं आ रहा है। छात्र के भविष्य को देखते हुए उसका परीक्षा शुल्क प्रबंधन द्वारा जमा किया गया था। गुरुवार को छात्र को गेट पर जांच के दौरान कक्षाध्यापक द्वारा वापस किया गया, वह उनसे मिला नहीं। यदि उनसे मिलता तो उसे प्रवेश पत्र दे दिया जाता।
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