उन्नाव: बच्चों से भरी स्कूल वैन गड्ढे में गिरी, हादसे में 18 बच्चों समेत 2 शिक्षिकायें हुईं घायल
उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चों व टीचरों को लेकर जा रही तेज रफ्तार स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलट गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां से तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बताया …
उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चों व टीचरों को लेकर जा रही तेज रफ्तार स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलट गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां से तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि वैन में 18 बच्चे व दो टीचर थी। वैन चालक मौके से फरार हो गया है।
आसीवन थाना क्षेत्र के राजेपुर ग्रंट कुरसठ स्थित लार्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल की वैन शुक्रवार सुबह बच्चों व टीचरों को लेकर स्कूल जा रही थी। उस गाड़ी में बच्चों को मिला कर 20 से 25 लोग सवार थें। कुरसठ-रसूलपुर मार्ग पर अनवरखेड़ा के पास अचानक गाड़ी अनियंत्रित होकर खंती में पलट गयी। हादसे से वहां चीख पुकार मच गयी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन सभी घायलों को मियागंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही बच्चों के अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। जिससे वहां अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला। कुछ बच्चों को उनके अभिभावक अलग अलग अस्पतालों में ले गए हैं। एक छात्र व दो शिक्षिकाओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जहां उनका उपचार चल रहा है। हादसे के बाद गाड़ी छोड़ कर भागे चालक को पुलिस तलाश रही है। बताया जा रहा है कि दो पूर्व ही यह गाड़ी स्कूल में लगी थी। जिला अस्पताल पहुंचे बच्चे आयुष पुत्र टिंकू निवासी ग्राम टिपुरा ने बताया कि चालक अत्यधिक तेज गति से गाड़ी चला रहा था। उसने बताया कि उसके साथ के बच्चों में अभय, राज, राजवीर, प्रतीक, रमन, नित्या, आराधना भी घायल हुए हैं। इसके अलावा शिक्षिकाओं में प्रिया व आरती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस वैन कब्जे में लेकर स्कूल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है।
मानकों को ताक पर रखकर स्कूली वाहन ढोते हैं बच्चे
बता दें कि स्कूली वाहनों में मानकों व नियमों को ताक पर रख कर बच्चों को ढोया जाता है। सब कुछ अपनी आंख के सामने देखते हुए भी जिम्मेदार मौन रहते हैं। हादसों के बाद ही उनकी नींद टूटती है। स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। हलांकि इसके बावजूद भी स्कूली वाहनों में मानकों की अनदेखी लगातार जारी है।
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