अयोध्या: खंड शिक्षा अधिकारियों की बड़ी लापरवाही, 1.5 लाख अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंचे ड्रेस व जूते-मोजे के पैसे

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अयोध्या। फिलहाल अभी 15 अप्रैल तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बिना जूते – मोजे और ड्रेस के स्कूल जाना होगा। खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से अभी तक डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में बैग, जूते-मोजे और ड्रेस का 1100 रुपये नहीं पहुंचा है। खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा खाता फीडिंग न कराए …

अयोध्या। फिलहाल अभी 15 अप्रैल तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बिना जूते – मोजे और ड्रेस के स्कूल जाना होगा। खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से अभी तक डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में बैग, जूते-मोजे और ड्रेस का 1100 रुपये नहीं पहुंचा है। खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा खाता फीडिंग न कराए जाने से इन खातों में धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। हालांकि विभाग का दावा है कि 15 अप्रैल से पहले वंचित अभिभावकों के खातों में धनराशि ट्रांसफर हो जाएगी।

शासन के लाख दावों के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग बुरे दिन से गुजर रहा है। बच्चों को बैग, ड्रेस और जूता-मोजा सरकार मुफ्त देती है। इसके लिए सरकार ने कुल 1100 रुपये की धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेजती है। जिले में 1790 प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में कुल 2 लाख 30 हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में पैसा अभी तक नहीं पहुंचा है।

शिक्षा विभाग की मानें तो 89 हजार अभिभावकों के खातों में जूते मोजे और ड्रेस की धनराशि पहुंच गई है। इस हिसाब से देखा जाए तो डेढ़ लाख अभिभावकों के खातों में अभी 16.50 करोड़ रुपए भेजे जाने हैं। इसके पीछे खातों की फीडिंग न कराए जाने की लापरवाही सामने आ रही है। बताया जाता है कि प्रधानाध्यापकों और खंड शिक्षा अधिकारियों के बीच तालमेल न होने के कारण खातों की फीडिंग मुकम्मल नहीं हो सकी है। वहीं अभिभावकों की भी कुछ लापरवाही सामने आई है।

अभिभावकों की ओर से प्रधानाध्यापकों को खातों का पूरा ब्यौरा नहीं उपलब्ध कराया गया है। इस लेटलतीफी के पीछे विधानसभा चुनाव में ड्यूटी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। ढाई माह आचार संहिता के और चुनाव ड्यूटी के कारण खंड शिक्षा अधिकारियों ने खाता फीडिंग पर ध्यान ही नहीं दिया।

डीबीटी के जरिए भेजी जानी थी धनराशि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर को बेसिक शिक्षा परिषद कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में पढ़ने वाले 1 करोड़ 80 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए 1100-1100 रुपये ट्रांसफर करने की योजना की शुरुआत की थी। इसके पीछे तर्क था कि अभिभावक बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस, स्वेटर, बैग और जूता-मोजा आदि खरीद सकेंगे, लेकिन अयोध्या में अभी लगभग 1.5 लाख अभिभावकों के खाते में पैसे ही नहीं पहुंचे हैं, जबकि एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने जा रहा है।

जिन अभिभावकों के खातों में धनराशि नहीं गई है। 15 अप्रैल तक हर हाल में पहुंच जायेगी। कतिपय तकनीकी दिक्कतों और चुनावी व्यस्तता से विलम्ब हुआ…संतोष देव पांडेय , बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या।

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