बरेली: चार सीएचसी में हुआ घपला, कार्रवाई केवल एक पर
बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले घपलेबाजों पर शिकंजा कसने का दावा कर रहे हों, लेकिन सरकारी विभागों में घपलेबाजी जारी है। करीब एक साल पहले जिले की चार सीएचसी में करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया था। दरअसल, शासन की महत्वाकांक्षी योजना मातृत्व वंदना में करोड़ों गोलमाल किया गया था। मातृ-वंदना योजना …
बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले घपलेबाजों पर शिकंजा कसने का दावा कर रहे हों, लेकिन सरकारी विभागों में घपलेबाजी जारी है। करीब एक साल पहले जिले की चार सीएचसी में करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया था। दरअसल, शासन की महत्वाकांक्षी योजना मातृत्व वंदना में करोड़ों गोलमाल किया गया था।
मातृ-वंदना योजना के तहत कई अपात्र महिलाओं को पात्र दिखाकर उनके खाते में प्रोत्साहन राशि भेजने का खेल कर दिया गया।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद एक सीएचसी के प्रभारी पर कार्रवाई करके इतिश्री कर दी गई है। जबकि तीन सीएचसी में हुए हेरफेर की जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
शिकायत के बाद निकला घोटाले का जिन्न
करीब एक साल पहले बिथरी चैनपुर क्षेत्र से मातृत्व वंदना योजना में गड़बड़ी की शिकायतें सीएमओ कार्यालय तक पहुंची थीं। इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि अपात्रों को लाभ देकर लाखों का घोटाला किया गया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। इसके बाद तीन अन्य सीएचसी मीरगंज, मझगवां और नवाबगंज में मातृत्व वंदना योजना में गड़बड़ी सामने आई थी। विभागीय अधिकारियों ने जांच तो शुरू कराई, लेकिन यह जांच कहां तक पहुंची इसके बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है।
यह है मातृत्व वंदना योजना
मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान योजना का लाभ मिलता है। लाभार्थी को शासन की ओर से तीन बार में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
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