बरेली: आचार संहिता हटते ही शुरू होगा सोशल आडिट
बरेली, अमृत विचार। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गये कार्यों की जांच के लिए सोशल आडिट के लिए टीम बनाई जाएगी, जो हर ब्लाॅक में जाकर विकास कार्यों की जांच करेगी। टीम का गठन आचार संहिता हटने पर होगा। टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। जिसे विशेष प्रशिक्षण देकर ऑडिट के बिंदुओं के …
बरेली, अमृत विचार। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गये कार्यों की जांच के लिए सोशल आडिट के लिए टीम बनाई जाएगी, जो हर ब्लाॅक में जाकर विकास कार्यों की जांच करेगी। टीम का गठन आचार संहिता हटने पर होगा। टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। जिसे विशेष प्रशिक्षण देकर ऑडिट के बिंदुओं के बारे में बताया जाएगा।
कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार और उनसे कराए गए विकास कार्यों की जांच जिला विकास विभाग की देखरेख में होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के स्नातक पास महिला और पुरुषों को सोशल ऑडिट की टीम के लिए चयनित किया जाएगा। जनपद के 15 विकासखंडों की 1193 ग्राम पंचायतों में तालाबों की खोदाई, वर्षा के जल संचयन और पौधरोपण के लिए खोदे गए गड्ढे, बाल विकास विभाग की ओर से बंटने वाले पुष्टाहार और श्रमिकों को मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार अनेक विकास कार्यों की जांच की जाएगी। प्रत्येक जांच टीम में चार सदस्य शामिल रहेंगे, जो मनरेगा के कार्यों का सोशल ऑडिट कर उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट देंगे।
ऑडिट के ये रहेंगे मुख्य बिंदु
– ग्राम पंचायत क्षेत्र में कितने श्रमिकों को काम मिला।
– सुंदरीकरण के लिए किन-किन तालाबों में कार्य हुआ।
– मानसून से पूर्व रोपे गए पौधों के लिए ग्राम पंचायत की जगह में कहां गड्ढों की खोदाई हुई।
– 1193 ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों के कार्य में कितने लोगों को काम मिला।
– श्रमिकों के जॉब कार्ड चेक करने के अलावा उन्हें मजदूरी मिली या नहीं।
आडिट का ये होगा असर
– यदि किसी रकम के गबन या अनुचित उपयोग की पुष्टि होती है तो उसकी वसूली की जाएगी।
– मजदूरी का दुरुपयोग पाए जाने पर सात दिनों मजदूरी वसूली कर संबंधित मजदूर को दिलाया जा सकता है।
-प्रदेश सरकार सोशल आडिट के निष्कर्षों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार है।
मनरेगा के कार्यों का सोशल ऑडिट आचार संहिता हटने के बाद शुरू होगा। इसके लिए टीमों का गठन किया जाएगा। एक टीम में चार सदस्य शामिल हैं। इसके लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। —चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी
