बांदा: मुख्तार अंसारी ने बेटों से बताई बड़ी साजिश, कहा- कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेशी में ले जाया गया

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बांदा। मंडल कारागार में बंद माफिया मुख्तार अंसारी ने बड़ी साजिश बताया। माफिया का बेटा मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी ने पुलिस के एक बड़े अधिकारी पर निशान साधते हुए आपत्तिजनक शब्द बोलने का आरोप लगाया। मुख्तार अंसारी मुलाकात के दौरान बेटों से कहा कि रविवार रात साजिश रचकर अगले दिन अधूरी सुरक्षा के …

बांदा। मंडल कारागार में बंद माफिया मुख्तार अंसारी ने बड़ी साजिश बताया। माफिया का बेटा मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी ने पुलिस के एक बड़े अधिकारी पर निशान साधते हुए आपत्तिजनक शब्द बोलने का आरोप लगाया। मुख्तार अंसारी मुलाकात के दौरान बेटों से कहा कि रविवार रात साजिश रचकर अगले दिन अधूरी सुरक्षा के बीच पेशी पर ले जाया गया लेकिन साजिश नाकाम हो गई।

बांदा जेल में मुख्तार अंसारी से शुक्रवार को विधायक बेटा अब्बास व छोटा बेटा उमर ने मुलाकात की थी। दोनों सुबह करीब साढ़े दस बजे जेल परिसर में दाखिल हुए थे लेकिन उनकी मुलाकात करीब दोपहर डेढ़ से दो बजे तक हो सकी है। इस बीच मुख्तार के दोनों बेटो की आरटीपीसीआर रिपोर्ट व अन्य जांचें की गईं।

मुलाकात के बाद बाहर निकले मऊ विधायक ने बताया कि पेशी पर ले जाने की स्थिति पर पिता से बात हुई है। जिसमें उन्होंने बताया कि जानबूझकर कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें पेशी में ले जाया गया है। उन्होंने एक पुलिस अधिकारी से साथ में कम से कम एक सीओ व पीएसी की गारद भेजने की मांग की थी। पेशी पर जाने से इन्कार नहीं किया था, लेकिन कोर्ट से सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेशी में ले जाने के लिए कहा था।

व्यवस्था नहीं हुई तो आपत्तिजनक शब्द बोले थे। इतना ही नहीं उनका पहले वाला मेडिकल भी कैंसिल कर दिया गया था। मेडिकल कैंसिल किए जाने व दोबारा मेडिकल रात में कराने से बड़ी साजिश का आभास हुआ था लेकिन अधिकारियों की साजिश नाकाम हो गई।

उधर पेशी पर ले जाते समय की गई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पुलिस व जेल के अधिकारियों ने बताया था कि सामान्य बंदी को ले जाने में जो सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। उस हिसाब से कोई कमी नहीं की गई थी।

DG जेल आनंद कुमार ने जांच के आदेश DIG संजीव कुमार को दिए हैं। सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। गुरुवार को DIG ने मंडल कारागार आकर 20 लोगों के बयान लिए थे। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए थे ताकि पता चले कि जेल के अंदर की बात किसने लीक की। जिन लोगों के अभी तक बयान लिए गए हैं। उनकी सांसें कार्रवाई के डर से अटकी हैं।

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