ब्राह्मण चेहरे को भाजपा बना सकती है यूपी प्रदेश अध्यक्ष, दौड़ में श्रीकांत शर्मा व डॉ. दिनेश शर्मा का नाम सबसे आगे

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लखनऊ। स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में एक बार दोबारा से प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने में सफलता हासिल की। इनाम के तौर पर उनको प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। एक पद-एक व्यक्ति के सिद्धांत का पालने करने वाली भाजपा अब प्रदेश अध्यक्ष पद किसी और की …

लखनऊ। स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में एक बार दोबारा से प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने में सफलता हासिल की। इनाम के तौर पर उनको प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। एक पद-एक व्यक्ति के सिद्धांत का पालने करने वाली भाजपा अब प्रदेश अध्यक्ष पद किसी और की तैनाती कर सकती है।

हालांकि अभी पार्टी ने इस तरह की कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी किसी ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगा सकती है। ऐसे में मथुरा से दूसरी बार विधायक बने पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधान परिषद सदस्य डा. दिनेश शर्मा का नाम दौड़ में सबसे आगे है।

बताते चलें कि वर्ष 2017 के चुनाव में जीत के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को उप मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन उन्हें अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया। स्वतंत्र देव सिंह योगी सरकार 2.0 में मंत्री पद दिया गया है। इसलिए, उन्हें अध्यक्ष के पद से जल्द ही मुक्त किया जा सकता है। श्रीकांत शर्मा के भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से गहरे ताल्लुकात रहे हैं।

इस स्थिति में उन्हें प्रदेश स्तर पर किसी भी प्रकार का बदलाव करने के लिए अधिक मशक्कत नहीं करनी होगी। हालांकि, वर्ष 2024 को लेकर विपक्ष की ओर से मिलने वाली कड़ी टक्कर से निपटने की रणनीति जरूर बनानी होगी। यूपी चुनाव में जिस प्रकार से विपक्ष का वोट बैंक समाजवादी पार्टी में सिमटता दिखा, उसने भाजपा के समक्ष चुनौतियों को बढ़ाया है। अब नए बनने वाले अध्यक्ष को वोट बैंक बढ़ाने की रणनीति पर काम करना होगा।

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