Pakistan Political Crisis : इमरान खान को फिर मिली मोहलत, संसद भंग करने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल तक टली
इस्लामाबाद । अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और नेशनल असेंबली भंग होने के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान PML-N के वकील मकदूम अली खान ने अपना पक्ष रखा। साथ ही कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाना अदालत को प्रभावित करने का प्रयास है। जबकि इमरान खान को कार्यवाहक …
इस्लामाबाद । अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और नेशनल असेंबली भंग होने के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान PML-N के वकील मकदूम अली खान ने अपना पक्ष रखा। साथ ही कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाना अदालत को प्रभावित करने का प्रयास है। जबकि इमरान खान को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाना संविधान के अनुरूप नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई बुधवार तक टल गई है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल असेंबली की कार्यवाही का रिकॉर्ड तलब किया है। इमरान खान सरकार में अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने कहा- यह मेरा आखिरी केस है। मैं संविधान के हिसाब से ही चलूंगा।
पांच सदस्यीय पीठ कर रही मामले की सुनवाई
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन, न्यायमूर्ति मोहम्मद अली मजहर, न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर और न्यायमूर्ति जमाल खान मंडोखाइल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ मामले की सुनवाई कर रही है।
तीन महीने में नहीं हो सकते चुनाव
डॉन अखबार के अनुसार, निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन होना और जिला तथा निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर मतदाता सूची तैयार करना ऐसी प्रमुख चुनौतियां हैं, जिनके कारण आम चुनाव कराने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है। अधिकारी ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में 26वें संशोधन की वजह से सीटों की संख्या बढ़ गई है।
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