बदलते मौसम में स्वास्थ्य विभाग ने दी सलाह, दूषित खाना-पानी, धूल, धूप और मच्छरों से रहें सतर्क

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गोरखपुर। बदलते मौसम में संक्रामक रोग जैसे मलेरिया, टाइफाइड, कालरा, चिकनगुनिया, डेंगू, कनेक्टवाइटिस और गैस्ट्रोएंट्राइटिस की आशंका बढ़ जाती है। कोशिश करें इस मौसम में दूषित खाना-पानी, धूल, धूप और मच्छरों से बचे रहें। अतिआवश्यक स्थिति में ही दिन में खासकर 11 से 4 बजे के बीच टोपी, गमछा या छाता आदि के साथ बाहर …

गोरखपुर। बदलते मौसम में संक्रामक रोग जैसे मलेरिया, टाइफाइड, कालरा, चिकनगुनिया, डेंगू, कनेक्टवाइटिस और गैस्ट्रोएंट्राइटिस की आशंका बढ़ जाती है। कोशिश करें इस मौसम में दूषित खाना-पानी, धूल, धूप और मच्छरों से बचे रहें। अतिआवश्यक स्थिति में ही दिन में खासकर 11 से 4 बजे के बीच टोपी, गमछा या छाता आदि के साथ बाहर निकलें। मच्छर से बचाव के लिए हर संभव प्रयास करें।
यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे का।

डॉ आशुतोष कुमार दूबे
डॉ आशुतोष कुमार दूबे

सीएमओ डॉ. दूबे ने जिलेवासियों से अपील की है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर और पूरी बांह के कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें। सीधी धूप से हीट स्ट्रोक या चर्म रोग की भी आशंका रहती है।

उन्होंने कहा कि पीने का स्वच्छ जल साथ लेकर चलें। सड़कों के किनारे के टैंकरों और मटकों में रखे पानी का इस्तेमाल न करें। सड़क के किनारे बिकने वाले कटे फल, जूस और गन्ने के रस आदि का सेवन नहीं करना है। ऐसी ज्यादातर दुकाने सड़क के किनारे गंदे स्थान पर होती हैं, जहां मल मूत्रों पर बैठने वाली मक्खियां इन खाद्य पदार्थों पर बैठ कर दूषित कर देती हैं। इस तरह हैजा, कालरा और टायफाइड के जीवाणुओं का संक्रमण फैल सकता है ।

डॉ. दूबे ने कहा कि इस मौसम में दूध और खोवे से बनी मिठाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि अगर यह साफ- सुथरी दुकान पर नहीं बनी हैं व दुकान का तापमान सही नहीं है तो इनसे भी गैस्ट्रोएंटाइटिस हो सकती है। ज्यादा देर धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसलिए साथ में पानी रखें या नकम पानी का घोल व ओआरएस रखें।इसका सेवन समय-समय पर करते रहें।राजकीय चिकित्सालयों में ओआरएस निःशुल्क मिलता है ।

चिकित्सक से करें संपर्क

सीएमओ ने बताया कि इस समय मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है ऐसे में अंधेरी जगहों पर न बैठें। जहां रहें वहां प्रकाश व हवा की पर्याप्त व्यवस्था हो। पूरी बांह के कपड़े पहनें और शरीर के खुले भागों पर मच्छररोधी क्रीम लगाएं।रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या होती है तो जनपद में सक्रिय 110 राजकीय चिकित्सालयों में से किसी भी चिकित्सालय के चिकित्सक के निःशुल्क परामर्श से ही दवा लें। डॉ.दूबे ने यह भी सलाह दी है कि अगर अति आवश्यक नहीं है तो क्षेत्र से संबंधित कार्य सुबह-सुबह ही कर लें। दिन में या तो घर में रहें या ऑफिस में, लेकिन बाहर न निकलें।

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