हरदोई: पीएम हाउस का पोस्टमार्टम, लूट के माल से पड़ोसी हो रहे हैं मालामाल, जानें क्या है मामला?

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हरदोई। पोस्टमार्टम हाउस के कारनामों का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां शवों से लूटे जाने वाले जेवरों को बेखौफ होकर पड़ोसी जिले में बैठे सौदागरों के हाथों नगद किया जा रहा है। इसका खुलासा खुद वहीं के लोगों ने बातों ही बातों में कर दिया। कितनी अजीब बात है कि इतना सब …

हरदोई। पोस्टमार्टम हाउस के कारनामों का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां शवों से लूटे जाने वाले जेवरों को बेखौफ होकर पड़ोसी जिले में बैठे सौदागरों के हाथों नगद किया जा रहा है। इसका खुलासा खुद वहीं के लोगों ने बातों ही बातों में कर दिया। कितनी अजीब बात है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी ज़िम्मेदार अभी तक पूरी तरह से अपने आप को बरी समझ रहें हैं।

इन दिनों यहां का पोस्टमार्टम हाउस लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। पहले तो ठगी, उसके बाद गोपनीय दस्तावेज़ो को खुले तौर पर बेचना। इसके बाद शवों के जेवरों से लूट-पाट करने की कारस्तानियां सामने आ चुकी थी। इसके बाद शवों से लूटे गए माल को बेख़ौफ़ हो कर खुले बाज़ार में नगद करने की बात सामने आई है। अंदरखाने से जो सच्चाई छन कर बाहर आई है, वह चौंकाने वाली है।

बताया गया है कि जिन ज़ेवरों को अन्दर ही अन्दर पार किया जाता है, उन्हें नगद करने के लिए अन्दर ही अन्दर पड़ोसी ज़िले को भेजा जाता है। कौन सा पड़ोसी ज़िला है ? इस बारे में बताया गया है कि पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कुछ कर्मियों का उस ज़िले में ठीक-ठाक रसूख बना हुआ है। इतना ही नहीं वहां बैठे लूट के माल की फरोख्त करने वाले भी इतने पहुंचे हुए हैं कि उन्हें यहां से पल-पल की खबर मिलती रहती है।

इस बारे में कहा जाता है कि यहां पोस्टमार्टम हाउस में कारस्तानी करने वाले और वहां बैठे लूट के माल के खरीददार, दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कितनी अजीब सी बात है कि पोस्टमार्टम हाउस की कारस्तानियों का इस तरह खुलासा होने के बाद भी ज़िम्मेदार इस तरह खामोश है कि जैसे उनकी कोई जवाबदेही नहीं। उनका इस तरह चुप रहना साबित करता है कि पोस्टमार्टम हाउस में जो भी हो रहा है, उसमें ज़िम्मेदार भी पूरी तरह से शामिल हैं।

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