अयोध्या: निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के फैसले से नाराज हुए अभिभावक, इस वजह से बढ़ रहा आक्रोश
अयोध्या। चरम पर महंगाई के बीच प्रदेश सरकार द्वारा निजी स्कूलों को दस प्रतिशत फीस वृद्धि को हरी झंडी देने को लेकर अभिभावकों पर बोझ बढ़ना तय है। पहले से ही महंगाई से पिस रहे लोगों के लिए शासन का यह आदेश महंगाई के कोढ़ में खाज साबित होगा। अभिभावकों ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया …
अयोध्या। चरम पर महंगाई के बीच प्रदेश सरकार द्वारा निजी स्कूलों को दस प्रतिशत फीस वृद्धि को हरी झंडी देने को लेकर अभिभावकों पर बोझ बढ़ना तय है। पहले से ही महंगाई से पिस रहे लोगों के लिए शासन का यह आदेश महंगाई के कोढ़ में खाज साबित होगा। अभिभावकों ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
एक निजी स्कूल में बच्चे को पढ़ाने वाले अभिभावक महेश कौशल का कहना है कि यह फैसला उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तो किताब कापी दुगने तिगने दामों पर बिक रही है फीस बढ़ी तो बेहद दिक्कत होगी। अभिभावक श्रीचंद दीक्षित का कहना है कि डीजल पेट्रोल के साथ महंगाई के बीच निजी स्कूलों को फीस बढ़ोत्तरी की छूट मध्यम वर्ग के लिए घातक सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि निजी स्कूल क्या दस फीसदी वृद्धि पर शत प्रतिशत अमल करेंगे और इन्हें जांचेगा कौन। जिला प्रशासन के पास इतनी फुर्सत नहीं और आम अभिभावक की शिकायत कही नहीं सुनी जायेगी। अभिभावक रफीक सिद्दीकी का कहना है कि कोई भी निजी स्कूल सरकार के दस प्रतिशत फीस वृद्धि फामूर्ले को नहीं मानेगा। देखियेगा हर स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा देगा और अभिभावक उसी में पिस कर रह जायेगा।
अभिभावक सदफ रजा ने बताया कि प्रवेश शुल्क के साथ नए सत्र में इस बार स्कूल जमकर वसूली करेंगे और कोरोना काल में फीस माफी आदि की सारी कसर निकाल लेंगे। बता दें कि शासन की ओर से निजी स्कूलों को विभिन्न शर्तों के साथ दस प्रतिशत फीस बढ़ाने के लिए छूट दी गई है। हालांकि इसे लेकर जिला स्तर पर कमेटी भी गठित है लेकिन कमेटी के पास कार्रवाई के कोई अधिकार नहीं है। ऐसे में तय माना जा रहा है मंहगाई की लपटों के बीच फीस वृद्धि की चिंगारी मध्यम वर्ग के कई सपनों को झुलसा देगी।
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