संस्कारयुक्त शिक्षा समय की जरूरत : उच्च शिक्षा मंत्री
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा समय की जरूरत है और प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 लाकर शिक्षा को अधिक रोजगारपरक एवं व्यावहारिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने लखनऊ के आईटी कॉलेज में सोमवार को टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में 1463 …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा समय की जरूरत है और प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 लाकर शिक्षा को अधिक रोजगारपरक एवं व्यावहारिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने लखनऊ के आईटी कॉलेज में सोमवार को टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में 1463 पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेटव स्मार्टफोन का वितरण किया।
कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में उन्होने आधुनिक एवं डिजिटलाइज होती शिक्षा तथा उसके लिए विद्यार्थियों की तैयारी पर विस्तार से चर्चा की। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा में संस्कार एवं अनुशासन का अत्यधिक महत्व है। प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 लाकर शिक्षा को अधिक रोजगारपरक एवं व्यावहारिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कारयुक्त शिक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि शिक्षक छात्रों को हमारी अतीत की महान गौरवशाली शैक्षणिक परम्परा से परिचित करायें, जिसमें आपाला और गार्गी जैसी विदुषियां नारी शिक्षा के उत्कृष्टता का प्रमाण रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि टैबलेट के द्वारा एक क्लिक में विश्व भर की समस्त सूचनाओं की लाइब्रेरी हमारे हाथ में हैं, लेकिन इसके साथ-साथ हमें भारतीय संस्कारों को भी अपने साथ रखना है। स्मार्टफोन व टैबलेट से छात्र न सिर्फ डिजिटली शिक्षित होंगे बल्कि कोरोना जैसी आपदा में भी निर्बाध रूप से शिक्षा शिक्षण जारी रख सकेेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्मार्टफोनव टैबलेट वितरण योजना सरकार एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की शीर्ष वरीयता की योजना है इसमें 100 दिन की कार्ययोजना में 9.74 लाख युवाओं को टैबलेट व स्मार्टफोन दिये जायेगे।
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