मुरादाबाद : दिल्ली, उप्र से लेकर उत्तराखंड तक फैला है वाहन कटान गिरोह
मुरादाबाद, अमृत विचार। वाहन चोरों और वाहन काटने वाले दिल्ली, एनसीआर से लेकर संभल, अमरोहा, रामपुर और उत्तराखंड तक फैले हैं। इन स्थानों पर चोरी वाहन इसी नेटवर्क के जरिए गिरोह के कारखाने तक पहुंचते हैं। फिर यहां वाहनों के पुर्जे अलग-अलग करने के बाद उनकी सफाई कर वापस इसी नेटवर्क के जरिए ऑटो पार्ट्स …
मुरादाबाद, अमृत विचार। वाहन चोरों और वाहन काटने वाले दिल्ली, एनसीआर से लेकर संभल, अमरोहा, रामपुर और उत्तराखंड तक फैले हैं। इन स्थानों पर चोरी वाहन इसी नेटवर्क के जरिए गिरोह के कारखाने तक पहुंचते हैं। फिर यहां वाहनों के पुर्जे अलग-अलग करने के बाद उनकी सफाई कर वापस इसी नेटवर्क के जरिए ऑटो पार्ट्स की दुकानों और मोटर मेकेनिक की दुकानों तक पहुंचा दिए जाते हैं। यह खुलासा कैलसा रोड स्थित घेर में संचालित वाहन काटने के कारखाने से पकड़े गए बदमाशों ने किया है।
बदमाशों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गिरोह में जो वाहन चोरी करने वाले हैं, वह केवल चोरी ही करते हैं। उनकी भूमिका वाहन को चोरी कर कुछ समय के लिए किसी रिश्तेदार या पहचान वाले के ठिकाने पर छिपा देना होता है। इसके बाद उस वाहन को गिरोह के दूसरे लोग उठाकर कारखाने तक पहुंचाते हैं। कारखाने में वाहन काटने वाले लोग अलग हैं। वाहन कटने के बाद इन्हें इनकी सफाई कर वापस इन्हें इसी तरह के नेटवर्क के जरिए विभिन्न दुकानों पर भेज देते हैं। वहीं कटान के दौरान जो पुर्जे यहां बच जाते हैं तो उसे स्थानीय कबाड़ी को बेच दिया जाता है।
फर्जी पेपर बनाकर भी वाहन बेचते थे आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि गिरोह अच्छी कंडीशन वाली गाड़ियों का इंजन और चेसिस नंबर बदल देते थे। फिर इन वाहनों के फर्जी पेपर तैयार कर मोटर मैकेनिक की मदद से सस्ती दरों पर बेच देते थे। इन बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस अब उन मैकेनिकों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है जो इनके वाहनों को बेचने में मदद करते थे।
बार बार बदलते थे जगह
बदमाशों से पूछताछ के बाद एसएसपी ने बताया कि ये बदमाश किसी एक स्थान पर टिक कर काम नहीं करते थे, बल्कि हर छह से आठ महीने में अपनी जगह बदल देते थे। आमतौर पर किसी सूनसान स्थान पर खाली जगह किराए पर लेते थे। कई बार घेर मालिक को भी इस धंधे में शामिल कर लेते थे। यहां मुरादबाद में जगह का मालिक नासिर को चूंकि खुद भी वाहन चोर था, इसलिए बदमाशों ने उसे भी अपने साथ मिला लिया था।
छह महीने में काट दिए 800 वाहन
पुलिस की पूछताछ में बदमाश वाहनों के कटान के बारे में सही जानकारी नहीं दे पाए। हालांकि उन्होंने बताया कि बीते छह महीने में कार और बाइक मिलाकर करीब 800 तो उन लोगों ने काट ही दिए होंगे। इन सभी वाहनों के ज्यादातर पुर्जे इन्होंने बाजार में खपा दिए।
पुराने वाहनों के कलपुर्जों की खूब है मांग
इस बढ़ती महंगाई में दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुराने वाहनों के कलपुर्जों की मांग खूब है। कई बार वाहनों के कलपुर्जे संबंधित वाहन कंपनी के सर्विस सेंटर पर भी नहीं मिल पाते। ऐसे में ये कबाड़ी उन पुर्जों की आपूर्ति सर्विस सेंटर पर भी धड़ल्ले से कर देते हैं। वहीं ऑटो पार्ट्स की दुकानों व मोटर मैकेनिक के गैराज में तो इन पुर्जों की बड़े आराम से खपत हो जाती है। एक अनुमान के मुताबिक अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही इन पुराने कलपुर्जों का कारोबार हर साल करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक है।
सरगना समेत छह आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
एसएसपी ने बताया कि फिलहाल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि सरगना समेत छह आरोपी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों में पायतीखुर्द डिडौली का रहने वाला शाहिद, पतई खालसा डिडौली का रहने वाला रियाजुल और अरमान के अलावा चौधरपुर डिडौली का रहने वाला इमरान वाहन काटने का काम करते थे। जबकि नसीरुद्दीन उर्फ नासिर का घेर है। उत्तमपुर बहलोल पुर मझोला का रहने वाला फुरकान वाहन कटने के बाद पुर्जो को बेचने का काम करता था। इस गिरोह के मास्टर माइंड सहसपुर निगोला संभल निवासी शाने आलम और चौधरपुर डिडौली निवासी मुनवा उर्फ मुन्ना है। इन दोनों के अलावा गिरोह में चार और बदमाश हैं। इन सभी छह बदमाशों की तलाश में दबिश तेज कर दी गई है।
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