चीन ने अमेरिका से ताइवान के साथ संबंध खत्म करने का किया आग्रह

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बीजिंग। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने शुक्रवार को अमेरिका से ताइवान के साथ सभी आधिकारिक संबंध खत्म करने का आग्रह किया है, जिसे वह अपना अविभाज्य हिस्सा मानता है। गौरतलब है कि चीन की तरफ से यह बयान उस समय सामने आया है, जब अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंधी समिति के …

बीजिंग। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने शुक्रवार को अमेरिका से ताइवान के साथ सभी आधिकारिक संबंध खत्म करने का आग्रह किया है, जिसे वह अपना अविभाज्य हिस्सा मानता है। गौरतलब है कि चीन की तरफ से यह बयान उस समय सामने आया है, जब अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंधी समिति के अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज़ की अध्यक्षता में छह अमेरिकी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन और रक्षा मंत्री चिउ कुओ-चेंग से मुलाकात की थी।

चीन ने कहा कि वह अमेरिका और ताइवान के बीच किसी भी आधिकारिक संबंध का कड़ा विरोध करता है। झाओ ने संवाददताओं से कहा, “अमेरिका को ताइवान के साथ सभी आधिकारिक आदान-प्रदान को बंद करना चाहिए। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्वी थिएटर कमांड ने कहा कि चीनी सशस्त्र बल अमेरिकी सांसदों के द्वीप के दौरे के आलोक में शुक्रवार को ताइवान के पास सैन्य अभ्यास करेंगे। कमांड ने कहा, “चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्वी थिएटर कमांड ने युद्धपोत, बमवर्षक, लड़ाकू जेट और अन्य बलों को बहुउद्देश्यीय गश्त करने और ताइवान के द्वीप के आसपास समुद्री और हवाई अभ्यास करने के लिए 15 अप्रैल को भेजा गया।”

चीन में पांच साल तक बंदी बनाकर रखा गया एक कार्यकर्ता ताइवान लौटा

ताइपे। चीन में पांच साल तक बंदी रहा ताइवान का एक लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह ताइवान लौट आया। ताइवान की सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी। ली मिंग-चे को 2017 में चीनी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था और उन पर राज्य सत्ता के विरूद्ध विध्वसंक कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया था। चीन द्वारा 2016 में विदेशी गैर-सरकारी संगठनों पर नियंत्रण को कड़ा करने वाला कानून पारित करने के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी। ली ने ताइवान के लोकतंत्रीकरण पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया था और चीन में राजनीतिक बंदियों के परिवारों के लिए एक कोष का प्रबंधन किया था।

वह पिछले पांच वर्षों से मध्य हुनान प्रांत की एक जेल में सजा काट रहे थे। ली शुक्रवार सुबह दक्षिणी चीनी शहर जियामेन से विमान से ताइवान लौटे। उनकी गिरफ्तारी तब हुई जब चीन और ताइवान के बीच संबंधों में खटास आ गई और द्वीप ने त्साई इंग-वेन को राष्ट्रपति चुना। त्साई की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ने ताइवान की औपचारिक स्वतंत्रता की वकालत की है। त्साई के सत्ता में आने के बाद चीन ने ताइवान की सरकार से संपर्क खत्म कर लिया और अब वह ताइवान के आसमान रोजाना अपने सैन्य विमान को भेजता है। चीन का दावा है कि ताइवान उसका हिस्सा है। चीन यह भी दावा करता है कि ताइवान के नागरिक भी चीनी हैं और उन्हें एक विशेष पहचान पत्र जारी करता है।

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