शाहजहांपुर: पूर्व विधायक रोशनलाल की बढ़ने लगीं मुश्किलें, कब्जा तलाश रहे अधिकारी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। भाजपा छोड़कर सपा के टिकट पर विधान सभा चुनाव में शिकस्त खाने वाले पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा जांच के दायरे में आ गए हैं। उन पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है, जिस पर सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने दो स्थानों पर पुलिस बल के साथ जगह …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। भाजपा छोड़कर सपा के टिकट पर विधान सभा चुनाव में शिकस्त खाने वाले पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा जांच के दायरे में आ गए हैं। उन पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है, जिस पर सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने दो स्थानों पर पुलिस बल के साथ जगह की पैमाइश की। इस दौरान टीम करीब चार घंटे तक जांच पड़ताल करती रही।
इसके बाद टीम लौट गई। टीम का कहना है कि नक्शा मिलान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक इसे राजनीतिक द्वेषवश कार्रवाई की बात कह रहे हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच का भरोसा जताया है। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के बेटे ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा का निगोही में बीसलपुर रोड किनारे संडाखास गांव के रकबे पर कार्यालय खुला है।
बताया गया कि अशोक और सुधीर ने पूर्व विधायक के खिलाफ शिकायत कर आरोप लगाया था कि संडा खास के रकबे में बीसलपुर रोड किनारे बनी पूर्व विधायक की बिल्डिंग का निर्माण रास्ते और ग्राम समाज की कुछ जमीन को कब्जा करके किया गया है। इसी शिकायत पर सोमवार शाम करीब चार बजे नायब तहसीलदार जगतमोहन जोशी, लेखपाल जयकिशन राजस्व विभाग और पुलिस टीम के साथ संडाखास पहुंच गए और यहां जमीन की पैमाइश शुरू कर दी।
पूर्व विधायक के खिलाफ जांच शुरू होते देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। यहां नाप-जोख करने के बाद टीम निगोही कस्बे में थाने के सामने पहुंची, यहां पर सांई हॉस्पिटल के नाम से बनी बिल्डिंग के पास जमीन की पैमाइश की। सांई हॉपिटल भी पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा का बताया जा रहा है।
आरोप था कि हॉस्पिटल थाने की जमीन और ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है। यहां भी राजस्व विभाग की टीम ने कई घंटे तक पैमाइश की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद टीम वापस लौट गई। नायब तहसीलदार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिल रही थी, इसी आधार पर जमीन की पैमाइश की गई है, अब इसका नक्शे से मिलान किया जाएगा।
इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने बताया कि उनके बेटे विनोद वर्मा ने वर्ष 2010 में जमीन खरीदी थी, जिसकी मृत्यु हो चुकी है, अब यह जमीन बेबा पुत्रवधू खुशी के नाम है। उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेषवश झूठे आरोप लगा जा रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पर भरोसा है कि निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच की जाएगी।
सत्ता में रहते हुए भी विवादों में घिरे रहे रोशनलाल
पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा पर जमीन कब्जाने का यह आरोप कोई नया नहीं है, इससे पहले भी वह जमीन कब्जाने के मामले में आरोपों में घिरे रहे। पूर्व विधायक पर एक महिला ने जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था, तब महिला को विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ओसीएफ रामलीला मैदान में पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ा था। उस वक्त महिला ने कार्रवाई नहीं होने पर टंकी पर ही खुद को आग लगाकर जान देने की चेतावनी दी थी। महिला को नीचे उतरवाने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए थे।
अपहरण और दुष्कर्म के आरोप भी लगे
एक युवती ने पूर्व विधायक रोशनलाल पर अपहरण और दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था, यह मामला मीडिया में काफी उछलता रहा। युवती को विधायक के खिलाफ कलेक्ट्रेट में धरने पर भी बैठना पड़ा था।
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