मुरादाबाद : बिजली चोरी से विभागीय चौकसी सवालों के घेरे में
जूही दास, अमृत विचार। बिजली चोरी, लाइन लॉस और बकाया के कारण ऊर्जा निगम घाटे में है। निगम के प्रयास के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी हैं। निगन के आंकड़े इसका दावा कर रहे हैं। 12 दिनों में 1700 चोरी पकड़ी गयी है। 22000 उपभोक्ता 40 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। जबकि विभाग ने 23,700 …
जूही दास, अमृत विचार। बिजली चोरी, लाइन लॉस और बकाया के कारण ऊर्जा निगम घाटे में है। निगम के प्रयास के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी हैं। निगन के आंकड़े इसका दावा कर रहे हैं। 12 दिनों में 1700 चोरी पकड़ी गयी है। 22000 उपभोक्ता 40 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। जबकि विभाग ने 23,700 कनेक्शन काटे हैं। 1700 उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर हुआ है। 10 करोड़ असेसमेंट तैयार है। बकाएदारों को भुगतान के लिए 15 दिनों का समय दिया है।
जिले में वसूली अभियान छह अप्रैल से शुरू है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निमग के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लपा के निर्देश आधिकारियों ने तीनों खंडों में जांच व वसूल शुरू की है। निगम द्वारा 10,000 रुपये से ऊपर के बकायदारों की सूची तैयार की गई है। कर्मी उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने के लिए बोल रहे हैं और कनेक्शनों की जांच कर रहे है। 12 दिनों से जारी इस अभियान में अब तक 23,700 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए है। 1700 उपभोक्ता बिजली चोरी कर हीटर और एससी चलाते पाए गए।
चोरी में 1700 उपभोक्ता पकड़े, 10 करोड़ की असेसमेंट तैयार
विद्युत लाइनों पर कटिया और बिजली मीटर से छेड़छाड़ कर लोग घड़ल्ले से बिजली चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारी की मानें तो 20 से 25 फिसदी की बिजली चोरी हो रही है। ऐसे मे हर साल करीब 100 करोड़ रुपये की बिजली चोरी की चपट लग रही है।
चुनाव के बाद ऊर्जा निगम की प्राथमिक में चोरी और वसूली अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 23700 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे हैं। इन पर निगम का 50 करोड़ रुपये से अधिक बकाया चल रहा है। सभी उपभोक्ताओं को 15 दिनों का समय दिया गया है। -पंकज, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम
उपभोक्ताओं की संख्या
1. घरेलू उपभोक्ता- 18,96 825
2. औद्योगिक- 17164
3. व्यवसायिक- 1,21330
