लखनऊ: आंसुओं में घुली न्याय की आस, नहीं मिल सका प्रशासन का प्रकाश, बस एक ही उत्तर- व्यस्त हैं डीएम साहब…
लखनऊ। पारा 43 डिग्री के ऊपर। दूरी 30 किमी। फिर भी न्याय की आस में गर्म हवा के थपेड़ों से संघर्ष करते हुए राखी अपनी फरियाद लेकर किसी तरह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। लेकिन यहां पर डीएम की सुरक्षा व्यवस्था के सामने उसके बुलंद हौसले धराशाई हो गए। सुरक्षा कर्मियों ने जिलाधिकारी के व्यस्त होने की …
लखनऊ। पारा 43 डिग्री के ऊपर। दूरी 30 किमी। फिर भी न्याय की आस में गर्म हवा के थपेड़ों से संघर्ष करते हुए राखी अपनी फरियाद लेकर किसी तरह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। लेकिन यहां पर डीएम की सुरक्षा व्यवस्था के सामने उसके बुलंद हौसले धराशाई हो गए। सुरक्षा कर्मियों ने जिलाधिकारी के व्यस्त होने की बात कहकर उसे बाहर ही रोक दिया। यह हाल तब है जब प्रदेश भर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में महिला सशक्तीकरण योजना चल रही है। अधिकारियों को महिलाओं की समस्याओं को तुरंत निस्तारित किए जाने के आदेश हैं।
इसके बावजूद मोहनलालगंज के सराय कस्बा से बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंची फरियादी को निराश होकर उल्टे पांव लौटना पड़ा। न्याय की उम्मीद में दर-दर की ठोकरें खा रही 22 वर्षीय राखी शर्मा एक बार राजधानी के डीएम से मिलकर अपनी समस्या दूर करने की फरियाद करना चाहती थी। उसके घर के पास रहने वाले दबंगों ने समरसेबिल की बोरिंग जबरदस्ती रोक दी। इससे भीषण गर्मी में उसके परिजन पानी के लिए तड़प रहे हैं। जिलाधिकारी कक्ष के बाहर काफी देर तक खड़ी राखी का हौसला उस समय जवाब दे गया जब जिलाधिकारी उसकी आंखों के सामने से कहीं बाहर जाने के लिए निकल पड़े। यह देख कर उसकी आंखों से गंगा-जमुना की धार फूट पड़ी।
बताया जाता है व्यस्त हैं डीएम साहब
कमरे के बाहर घंटों इंतजार के बावजूद तैनात सुरक्षाकर्मियों ने किसी भी फरियादी को अंदर नहीं जाने दिया। जिससे बाहर फरियादियों की भीड़ जमा हो गयी। जिलाधिकारी से मिलने आने वालों को अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है। 12:30 बजे जैसे ही अपने कमरे से डीएम बाहर निकलते हैं मिलने वाले उन्हें घेर लेते हैं। डीएम के पास उनकी समस्याएं सुनने का समय नहीं था। मातहतों को शिकायत पत्र लेने के निर्देश के साथ डीएम चले जाते हैं।
थाना और तहसील में नहीं हो रही सुनवाई
राखी का कहना है कि उसके घर के पास रहने वाले दबंग पड़ोसी ने घर पर समरसेबल की बोरिंग करने से रोक दिया है। जिससे गर्मी में पानी की समस्या हो रही है। राखी ने बताया कि मां शान्ति शर्मा ने मोहनलालगंज थाने से लेकर तहसील में एसडीएम से भी शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में राखी को उम्मीद थी कि डीएम उसकी समस्या का निराकरण कर सकते हैं।
महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निराकरण करे: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी लखनऊ ने सभी कार्यालाध्यक्षों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि महिलाओं की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए। हर शुक्रवार को महिला समस्या निराकरण दिवस के रूप में मनाया जाए। साथ ही सुबह 11:00 बजे से 1:00 के मध्य अपने कार्यालयों में महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता पर सुनवाई करें। लेकिन इस आदेश का जिलाधिकारी कार्यालय में ही अनुपालन नहीं हो रहा है।
यह भी पढ़ें:-लखनऊ: फर्जी पास पर रोडवेज बस में सफर करते पकड़े गये समीक्षा अधिकारी
