शाहजहांपुर: जीएफ कालेज में फीस के नाम पर विद्यार्थियों से हड़पे लाखों रुपये
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जीएफ कालेज के जनसंचार विभाग में छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए गए। यह कोई बाहरी नहीं बल्कि कालेज का ही एक शिक्षक का कारनामा है, जो संबंधित विभाग का अध्यक्ष भी है। जब फीस जमा न होने की जानकारी छात्र-छात्राओं को हुई तो उनके पैरों तले जमीन …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जीएफ कालेज के जनसंचार विभाग में छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए गए। यह कोई बाहरी नहीं बल्कि कालेज का ही एक शिक्षक का कारनामा है, जो संबंधित विभाग का अध्यक्ष भी है। जब फीस जमा न होने की जानकारी छात्र-छात्राओं को हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
फिर क्या छात्र-छात्राओं ने तत्काल इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामले की जांच कराई, जिसमें छात्र-छात्राओं के आरोपी सही पाए गए। जांच में आरोपी से जब सख्ती दिखाई गई तो उसने फीस हड़पने स्वीकार कर दिया और एक लाख 28 हजार वापस भी कर दिए। इस मामले में कालेज प्रबंधन का हाथ भी सामने आया है।
जीएफ कालेज के जनसंचार विभाग की छात्रा शकीबा कौसर, अदीबा कौसर, छात्र नबी मोहम्मद, रोहित कुमार आदि ने डीएम से शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि वह जीएफ कालेज में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थी हैं। आरोप है कि विभागाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान अहमद ने डिप्लोमा फीस अपने पास जमा करा ली थी।
जिसमें प्रवेश शुल्क 15,500, एक हजार रुपये अतिरिक्त और 1500 ड्रेस के लिए जमा कराए थे। विभागाध्यक्ष ने फीस यह कहते हुए जमा कराई थी कि कक्षाएं सेल्फफाइनेंस से चलती है। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की होती है। विभागाध्यक्ष की बातों पर विश्वास करते हुए सभी ने फीस जमा कर दी।
फीस जमा करने के बाद सभी विद्यार्थी निश्चिंत थे, पर अब परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं, जिसमें पता चला कि उनकी फीस जमा नहीं है। यह सूचना मिलते ही हम छात्र-छात्राओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री सहित डीएम, एसपी आदि अफसरों से साक्ष्यों के साथ शिकायत की। शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राशि कृष्णा को सौंपी। बुधवार को एसडीएम मामले की जांच करने जीएफ कालेज पहुंची और जांच पड़ताल की। जांच में बच्चों द्वारा लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच डीएम को सौंप दी है।
प्राचार्य सहित कालेज प्रबंधन भी शामिल
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा कि जीएफ कालेज में जन संचार विभाग के छात्र-छात्राओं से फीस वसूली के मामले में कालेज प्राचार्य सहित प्रबंधन भी शामिल है। इसकी पुष्टि प्रथम दृष्टया जांच में हुई है। डीएम ने कहा कि इस प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय भी कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आसपास न दिखे आरोपी
जांच के दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कालेज प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि आरोपी रिजवान अहमद कालेज के आसपास दिखाई नहीं देना चाहिए। अगर वहां कालेज के आसपास दिखाई देता है कालेज प्रबंधन की जवाबदेही होगी।
मोहम्मद रिजवान जनसंचार विभाग का विभागाध्यक्ष था, जिसको गड़बड़ियों के चलते पूर्व में निकाला जा चुका है। बच्चों को फीस कांउटर पर जमा करनी चाहिए थी, न कि किसी बाहरी व्यक्ति के पास। इस मामले में कालेज प्रबंधन की कोई भी मिली भगत नहीं है।—डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कालेज
डीएम के निर्देश पर बुधवार को जीएफ कालेज में जांच करने पहुंची थी, जिसमें बच्चों के आरोप सही पाए गए हैं। मुख्य आरोपी रिजवान ने फीस के नाम पर रुपये हड़पे थे। जांच के दौरान आरोपी से 1.28 लाख रुपये वापस कराए हैं। जांच में पता चला कि कालेज प्रबंधन का भी इसमें हाथ है। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।—राशि कृष्णा, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
