ठगी के आरोप में स्वामी प्रसाद मौर्य का निजी सचिव गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

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लखनऊ। STF ने गुरुवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव अरमान अली को गिरफ्तार कर लिया है। अरमान अली सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का रैकेट चला रहा था। सचिवालय से लेकर कई सरकारी विभागों तक फैले इस रैकेट से जुड़े कई नाम सामने आए हैं। बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम …

लखनऊ। STF ने गुरुवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव अरमान अली को गिरफ्तार कर लिया है। अरमान अली सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का रैकेट चला रहा था। सचिवालय से लेकर कई सरकारी विभागों तक फैले इस रैकेट से जुड़े कई नाम सामने आए हैं।

बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का आरोप है। अरमान खान के अलावा असगर अली, मोहम्मद फैजी, विशाल गुप्ता, अमित राव को गिरफ्तार किया गया है। इन पांचों को यूपी एसटीएफ ने हजरतगंज इलाके से किया गिरफ्तार किया है। अब पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

फर्जी नौकरियों के इस जाल की शुरुआत तीन साल पहले हुई थी। फैजी डिजिटलाइजेशन का काम करने वाली कंपनी UV tech में वेंडर सप्लाई करता था। फैजी ने प्राइवेट लड़कों के जरिए बाल विभाग, रेशम विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग में डिजिटलाइजेशन के काम पूरे कराए थे। सरकारी काम-काज और पत्रावलियों की उसे ठीक-ठाक जानकारी हो गई थी। अरमान ने फैजी को सचिवालय में ही एडजस्ट कराया।

अब प्रदेश के अलग-अलग शहरों से आने वाले बेरोजगार युवकों को वो सचिवालय में ट्रेनिंग के बहाने लाने लगे। यहीं से युवकों में विश्वास की नींव भी पड़ जाती थी कि उन्हें मिलने वाली नौकरी की दिलासा बिल्कुल सही है।

इस रैकेट में फैजी का भाई सैफी और विशाल गुप्ता भी शामिल था। विशाल खुद को मंत्री का नजदीकी बताता था। सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का असली मास्टर माइंड विशाल ही बताया जा रहा है।

जिस सचिवालय में एंट्री करना मुश्किल होता है। वहां अरमान और उसके साथी बकायदा पास लगी गाड़ियों से आते-जाते थे। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। आरोपियों के पास से 7 मोबाइल, 57 चेक हस्ताक्षर के साथ, पांच कूट रचित आईडी कार्ड, 22 नियुक्त पत्र, 14 व्यक्तियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, दो सचिवालय पास बिना हस्ताक्षर युक्त मिला है।

यूपी एसटीएफ का कहना है कि हमें सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की लगातार शिकायत मिल रही थी। इन शिकायत पर हमने कार्रवाई तो पता चला कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या का निजी सचिव अरमान खान, असगर अली, जमील, फैजी, विशाल गुप्ता, अमित राव, मुन्नवर, सैफी आदि ठगी का काम करते हैं।

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