उन्नाव: जिला पंचायत निधि के 42.70 करोड़ से होगा ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

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उन्नाव। विकास भवन सभागार में शनिवार को राज्य वित्त व 15वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों की बैठक हुई। जिसमे जिला पंचायत की निधि से वित्तीय वर्ष के लिए 42.70 करोड़ के विकास कार्यों पर स्वीकृति की मुहर लगी। शनिवार को विकासभवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह ने की। …

उन्नाव। विकास भवन सभागार में शनिवार को राज्य वित्त व 15वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों की बैठक हुई। जिसमे जिला पंचायत की निधि से वित्तीय वर्ष के लिए 42.70 करोड़ के विकास कार्यों पर स्वीकृति की मुहर लगी। शनिवार को विकासभवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह ने की। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने केंद्रीय 15वें वित्त व राज्य वित्त आयोग की अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 के मूल बजट की कार्ययोजना अनुमोदन के लिए रखी।

इस दौरान 42.70 करोड़ के बजट पर मुहर लगी। जिसमें 35.90 करोड़ रुपये से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यो पर खर्च होंगे। इसमें सडक़ों का संजाल भी बिछाया जाएगा। इसके अलावा पुलिया, पानी निकासी के लिए नाला व सार्वजनिक शौचालयों का भी निर्माण कराए जाने के प्रस्तावों को भी सदन की स्वीकृति मिली है। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि 35.90 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। प्रस्तावों में सडक़ व पुलिया निर्माण की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय व पानी निकासी के लिए नाला निर्माण भी शामिल है।

बताया कि प्रस्ताव के सापेक्ष उपलब्ध धनराशि से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे। वहीं 2 करोड़ रुपये जिला पंचायत के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर खर्च किए जाएंगे। शेष धनराशि कर्मचारियों के एरियर व अन्य कार्यों पर खर्च की जाएगी। बैठक में सदर विधायक पंकज गुप्ता, अनिल सिंह, बृजेश रावत, श्रीकांत कटियार, आशुतोष शुक्ला, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, ज्ञानेंद्र सिंह, अरुण सिंह, दिलीप कुमार, नीरज गुप्ता, संध्या, प्रेम सिंह, रोशनी के साथ अधिकारी मौजूद रहे।

विधायक निधि का ब्योरा मांगने पर हुई तू तू मैं मैं

जिला पंचायत निधि से जिले में विकास कार्यों का संजाल बिछाने को शनिवार हुई बैठक में बात उस समय बिगड़ गई निधि का ब्योरा मांगने से विधायक व सदस्य में नोंकझोंक हो गई। विधायक की डपट पर एक सदस्य का पक्ष लेने पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि व विधायक के बीच शुरू हुए वाक युद्ध का नतीजा यह रहा कि विधायक बीच में ही बैठक से उठ कर चल दिए।

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