विनोबा के शिक्षा में अप्रतिम योगदान को भुलाया नहीं जा सकता: प्रो. पीपी सिंह

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त संयोजन में आचार्य विनोबा भावे के शिक्षा दर्शन और उसकी प्रासंगिकता विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन बुधवार को किया गया। अध्यक्षता करते हुए प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग के …

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त संयोजन में आचार्य विनोबा भावे के शिक्षा दर्शन और उसकी प्रासंगिकता विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन बुधवार को किया गया।

अध्यक्षता करते हुए प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक प्रो. पीपी सिंह ने कहा विनोबा भावे एक महान संत थे, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए जीवन धारण किया और जीवन पर्यंत मानव की सेवा के लिए तत्पर रहे। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि विनोबा का शिक्षा के प्रति एक संकल्प था।

संयोजक प्रो अनूप कुमार ने कहा कि विनोबा भावे ने शिक्षा को एक नई दिशा दी है। संचालन डॉ. प्रत्याशा मिश्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सह-संयोजक डॉ सुरेंद्र मिश्र द्वारा किया गया। डॉ. विनोदिनी वर्मा, डॉ. विनोद चौधरी, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ तरुण सिंह गंगवार, डॉ. विजयेन्दु चतुवेर्दी, डॉ मुकेश कुमार वर्मा, इजीनियर अनुराग सिंह, डॉ सुधीर सिंह समेत छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें-अयोध्या: डॉ.राममनोहर लोहिया अवध विवि में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया गया आयोजन

संबंधित समाचार