‘टॉप टेन’ अपराधियों की सूची बनाकर करें कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था चुस्त बनाये रखने के लिए ‘टॉप टेन’ अपराधियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री बुधवार को सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखें। उनके सुझावों पर ध्यान …
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था चुस्त बनाये रखने के लिए ‘टॉप टेन’ अपराधियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री बुधवार को सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखें। उनके सुझावों पर ध्यान दें। उनके पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए। फोन ‘रिसीव’ न कर सकें तो ‘कॉल बैक’ जरूर करें। हर शासकीय अधिकारी को इसका अनुपालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तैनात वरिष्ठ अधिकारी तहसील व खंड का औचक निरीक्षण करते रहें। देर रात अचानक निरीक्षण करें। अपराध व अपराधियों के विरुद्ध शासन की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत कार्रवाई करें। गो तस्करी, अवैध वृक्ष कटान, भूमि पर अवैध कब्जा, अवैध शराब, नियम विरुद्ध खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण करने से पूर्व ही जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान संबंधित विभाग से संवाद-समन्वय बना लें। दागी इतिहास वाले संस्थानों को किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। परीक्षा केंद्र निर्धारण में पहले सरकारी संस्थान, फिर अनुदानित संस्थान का चयन करें। इसके बाद निजी संस्थानों पर विचार करें।
112 सेवा के ‘रिस्पांस टाइम’ को कम से कम करने की कोशिश करें। पुलिस कप्तान स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना बनाएं। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व्यापारियों के साथ व्यापार बंधु व उद्यमियों के साथ ‘उद्योग बंधु’ की बैठक नियमित तौर पर माह में एक बार अवश्य करें। थानाध्यक्ष सुदृढ कानून व्यवस्था की मजबूत रीढ़ है।
इनका चुनाव करते समय पुलिसकर्मी की दक्षता, कर्मठता, सत्यनिष्ठा की परख करें। दागी व्यक्ति को थाने की जिम्मेदारी कतई न दें। इसी प्रकार सर्किल में भी व्यवस्था की जाए। पेशेवर माफिया व अपराधी किसी दूसरे क्षेत्र में सक्रिय हैं तो इसकी जानकारी मूल क्षेत्र के थाना पुलिस की होनी चाहिए। अपराधियों के विरुद्ध अभियोजन को और मजबूत करने की जरूरत है। इस दिशा में ठोस प्रयास किये जायं।
महिला, एससी-एसटी, बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े अपराध के मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। डीएम व पुलिस कप्तान जिला न्यायाधीश से हर माह कम से कम एक बार जरूर मुलाकात करें। पॉस्को महिला अपराध के मामलों की स्थिति पर चर्चा करें। जिला समीक्षा समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों। सभी प्रमुख चौराहों, बैंकों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
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