बरेली: मंडलीय पशु चिकित्सा कार्यालय भवन देख रहा मरम्मत की राह, बारिश में टपकती है छत, छूटकर गिरता है प्लास्टर

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। एक ओर जहां नए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं तो दूसरी ओर पुराने जर्जर सरकारी दफ्तरों के भवनों की सुध नहीं ली जा रही है। शहर में कुमार टॉकिज के पास मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। छत से टूट कर गिर रहे प्लास्टर से कर्मचारियों …

अमृत विचार, बरेली। एक ओर जहां नए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं तो दूसरी ओर पुराने जर्जर सरकारी दफ्तरों के भवनों की सुध नहीं ली जा रही है। शहर में कुमार टॉकिज के पास मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। छत से टूट कर गिर रहे प्लास्टर से कर्मचारियों को अभिलेख से लेकर खुद को बचाना मुश्किल हो गया है।

नए भवन के निर्माण या मरम्मत के लिए विभागीय स्तर से कई बार पत्राचार किया गया , लेकिन शासन की ओर से बजट नहीं मिला। बरसात में छत से पानी टपकता है। दरवाजा व खिड़की के फाटक सड़ चुके हैं। करीब 20 साल से भवन की मरम्मत नहीं हुई। कई वर्षों से रंगरोगन का कार्य भी नहीं हुआ है। अपर निदेशक पशुपालन कार्यालय में करीब चार कंडम गाड़ियां खड़ी हैं। जिस जगह पर ये वाहन खड़े हैं, उस स्थान की सफाई नहीं हो पाती है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों को कार्यालय में बैठना मुश्किल हो जाता है।

डा. ललित वर्मा, सीवीओ
अपर निदेशक जनवरी 2022 में पदोन्नत होकर निदेशक बन गए। वे अब लखनऊ में बैठते हैं। जानकारी के अनुसार कई बार इस बाबत पत्र लिखे गए, लेकिन कुछ हुआ नहीं। कार्यालय का चार्ज भी मेरे पास नहीं है।

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