सावधान ! यहां कदम-कदम पर मुंह खोल कर खड़ी है मौत
मुरादाबाद, अमृत विचार। पीतलनगरी की सड़कों पर फर्राटा भरते समय अधिक सजग व सावधान रहें। जरा सी चूक अनमोल जीवन पर भारी पड़ेगी। जिनके भरण पोषण की जिम्मेदारी आप पर है, वह सदा के लिए अनाथ हो सकते है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। चिता यह कि जिन पर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पीतलनगरी की सड़कों पर फर्राटा भरते समय अधिक सजग व सावधान रहें। जरा सी चूक अनमोल जीवन पर भारी पड़ेगी। जिनके भरण पोषण की जिम्मेदारी आप पर है, वह सदा के लिए अनाथ हो सकते है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। चिता यह कि जिन पर सफर सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी है, वह भयावह हो हालात से लापरवाह हैं। चिह्नित ब्लैक स्पाट का अब आबाद होना, जिम्मेदारों के संवेदनहीनता का जीवंत प्रमाण है। ऐसे में सुरक्षा की जिम्मेदारी वाहन चालक व राहगीरों को स्वयं के कंधे पर उठानी होगी। तभी सड़क हादसे के खौफनाक हो चले हालात से निजात मिलेगी।
ब्लैक स्पाट
- जटपुरा, मैनाठेर
- कैंच की पुलिया, छजलैट
- लदावली, छजलैट
- गागन तिराहा, मझोला
- प्रेम वंडरलैंड, कटघर
- रामगंगा पुल, कटघर
- रामगंगा पुल, कटघर
- छपरा मोड़, मूंढापांडे
- टीएमयू कट, पाकबड़ा
- टैंपो स्टैंड पाकबड़ा
एक सड़क हादसा व दो परिवारों में मचा कोहराम सड़क हादसे की विभिषिका व इसके दुष्परिणाम को नजदीक से समझना हो, तो 24 अप्रैल की रात कटघर थाना क्षेत्र में प्रेमवंडर लैंड पुल के समीप हुए सड़क हादसे पर नजर डालें। रामपुर के दड़ियाल गांव का रहने वाला अनिल पाल व भगतपुर थाना क्षेत्र के चकबेगमपुर का रहने वाला राजेंद्र सिंह एक साथ सड़क हादसे का शिकार बने। ओवर-टेक के दौरान बाइक सवार युवक कार की चपेट में आ गए। आकाश उर्फ अनिल मां-बाप का इकलौता बेटा था। बीकॉम की पढ़ाई कर रहे युवक के कंधे पर परिजनों का सपना पूरा करने का भार था। युवक की अकाल व दर्दनाक मौत ने सिर्फ एक मां के अरमान ही नहीं लूटे, बल्कि उन सगी दो बहनों को सदा के लिए आंख में आंसू ढोने पर मजबूर कर दिया, जो रक्षाबंधन के दिन आकाश की कलाई पर राखी बांधती थीं। हादसे का शिकार राहुल अपनी विधवा मां के जीने का एक मात्र सहारा था। दो परिवारों पर विपत्ति का पहाड़ बनकर टूटे एक सड़क हादसे ने कई लोगों की खुशियों को एक साथ लूट लिया।
एसपी ट्रैफिक अशोक कुमार ने बताया कि यातायात नियमों का अनुपालन करके ही हादसे रोके जा सकते हैं। सड़क सुरक्षा से संबंधित संसाधनों के विकास पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। जन जागरूकता के प्रयास भी जारी हैं। लेकिन, सड़क हादसे में कमी का न होना चिंताजनक है। सड़क हादसे रोकने के हर मुमकिन प्रयास होंगे।
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