झांसी: ऊर्जा मंत्री ने पूर्व की सरकारों पर फोड़ा बिजली संकट का ठीकरा, कहा- पहले काम हुआ होता तो…
झांसी। तीन दिवसीय दौरे पर झांसी पहुंची सूबे के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने प्रदेश के मौजूदा बिजली संकट का ठीकरा पूर्व की सरकारों पर फोड़ते हुए कहा कि उनकी नाकामी की वजह से सूबे को बिजली संकट से गुजरना पड़ रहा है। प्रदेश में लचर विद्युत व्यवस्था पिछली सरकारों की देन है। अगर उसे …
झांसी। तीन दिवसीय दौरे पर झांसी पहुंची सूबे के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने प्रदेश के मौजूदा बिजली संकट का ठीकरा पूर्व की सरकारों पर फोड़ते हुए कहा कि उनकी नाकामी की वजह से सूबे को बिजली संकट से गुजरना पड़ रहा है। प्रदेश में लचर विद्युत व्यवस्था पिछली सरकारों की देन है। अगर उसे 50 साल के दौरान विद्युत सुधार हुए होते तो सूबे को विद्युत संकट नहीं झेलना पड़ता। लटके तार, बिजली नहीं आना यह कोई आज की समस्या नहीं बल्कि पारंपरिक समस्या है।
उन्होंने कहा, योगी सरकार के आने के बाद बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार शुरू हुआ। बिजली की मांग 17000 मेगावाट से बढ़ाकर 22000 मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली आपूर्ति करने वाले संयंत्र भी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण से इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड में बिजली पानी दोनों का संकट
जनपद में 496 ग्राम पंचायतें हैं। क्योंकि बुंदेलखंड में पानी का संकट है ऐसे में टंकियों का पानी ही अधिकांश गांवों में सप्लाई किया जाता है। जबकि एक बड़ी संख्या ऐसे गांवों की है जहां टैंकर से सप्लाई होती है। अब जब बिजली नहीं मिलेगी तो टंकियां भरी कैसे जाएंगी। नलकूप चल ही नहीं पा रहे हैं। ऐसे में झांसी जनपद की ग्राम पंचायतों में पानी का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दूर-दराज से लोग पानी ढोकर ला रहे हैं।
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