हरदोई: फार्मासिस्ट हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, साले और ससुर के साथ मिलकर मामा ने उतारा था भांजे को मौत के घाट
हरदोई। मामी से आशिकी करने वाले फार्मासिस्ट भांजे को उसके मामा ने अपने सालों और ससुर के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था। एसपी राजेश द्विवेदी ने टड़ियावां थाने के उनौती गांव में हुई फार्मासिस्ट की हत्या का खुलासा का खुलासा किया है। एसपी राजेश द्विवेदी ने शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में …
हरदोई। मामी से आशिकी करने वाले फार्मासिस्ट भांजे को उसके मामा ने अपने सालों और ससुर के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था। एसपी राजेश द्विवेदी ने टड़ियावां थाने के उनौती गांव में हुई फार्मासिस्ट की हत्या का खुलासा का खुलासा किया है। एसपी राजेश द्विवेदी ने शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए फार्मासिस्ट सुमित पाल उर्फ गोलू की हत्या का खुलासा करते हुए कहा कि टड़ियावां थाने के उनौती गांव निवासी सुमित पाल उर्फ गोलू का शव गन्ने के खेत में पड़ा पाया गया था।
सुमित की अपनी चचेरी मामी के साथ आशिकी चल रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि सिर पर वार करते हुए उसे मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने सुमित पाल के पिता की तहरीर पर चचेरी मामी नैंसी पाल पत्नी पंकज पाल निवासी बर्रैइया पुरवा कोतवाली देहात के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की गई थी। एसएचओ टड़ियावां राजदेव मिश्रा की टीम इसके खुलासे के लिए जुटी थी।
एसपी के मुताबिक शनिवार की सुबह खबर मिली कि नैंसी, उसका पति पंकज कुछ लोगों के साथ कोतवाली शहर के हरिपुरवा में है। पुलिस की टीम ने वहां घेराबंदी करते हुए नैंसी और पंकज के अलावा नैंसी के भाई ज्ञानेंद्र पुत्र नन्हे लाल निवासी मढ़िया गरेउरा थाना बघौली जो कि वह हरिपुरवा में रहता है, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद पंकज ने भांजे सुमित पाल की हत्या करने की बात कुबूल किया। उसने बताया था कि सुमित उसका रिश्ते में भांजा था। करीब एक साल से पत्नी नैंसी के साथ उसकी आशनाई चल रही थी। 26 अप्रैल को सुमित को नैंसी से फोन करा कर बहाने से बुलाया गया था।
जहां पहले से ही पंकज का साला ज्ञानेंद्र और चचेरे ससुर बटेश्वर पुत्र रामलाल निवासी देवरिया थाना बघौली,उसी गांव के चचेरे साले सत्येंद्र पुत्र बटेश्वर और प्रदीप पुत्र लज्जाराम मौजूद रहे। बकौल पंकज इन सभी ने वहां पहुंचते ही सुमित को दबोच लिया। इसके बाद उसने सुमित के सिर पर डंडे से वार करते हुए उसे ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने पंकज की निशानदेही पर डंडा भी बरामद कर लिया है।
उसके चचेरे ससुर और साले फरार है,जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में टड़ियावां एसएचओ राजदेव मिश्रा के अलावा एसआई योगेन्द्र सिंह व संतोष कुमार,हेड कांस्टेबिल आशीष सिंह,श्रवण कुमार दुबे, कांस्टेबिल विक्रांत, सुनील कुमार और महिला कांस्टेबिल हिमांशी शामिल रहीं। हत्याकांड के खुलासे के दौरान एएसपी पूर्वी अनिल कुमार यादव, एएसपी पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह व सीओ हरियावां परशुराम सिंह भी मौजूद रहे।
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