अयोध्या: जब पहचान छिपाकर कमिश्नर पहुंचे तहसील व अस्पताल, जानें फिर क्या हुआ?

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अयोध्या। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के औचक निरीक्षण से प्रेरित होकर अयोध्या मंडल के कमिश्नर नवदीप रिनवा ने भी हकीकत परखना शुरू कर दिया है। शनिवार को बिना किसी तामझाम के कमिश्नर पहचान छिपा आम नागरिक की तरह पहले तहसील फिर अस्पताल पहुंचे। तहसील में खतौनी की नकल लोगों को ठीक से मिलती …

अयोध्या। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के औचक निरीक्षण से प्रेरित होकर अयोध्या मंडल के कमिश्नर नवदीप रिनवा ने भी हकीकत परखना शुरू कर दिया है। शनिवार को बिना किसी तामझाम के कमिश्नर पहचान छिपा आम नागरिक की तरह पहले तहसील फिर अस्पताल पहुंचे। तहसील में खतौनी की नकल लोगों को ठीक से मिलती है या नहीं लाइन में लगे और नकल भी प्राप्त की। जब कर्मचारियों ने पहचाना तो उनके होश फाख्ता हो गए। इस दौरान कमिश्नर ने तहसीलदार समेत कई कर्मियों के गैरहाजिर मिलने पर जवाब-तलब किया।

उन्होंने अव्यवस्थित तरीके से लगाये गये वाहनों को व्यवस्थित तरीके से लगाने के लिए निर्देश दिए। साफ सफाई के साथ सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देश दिया कि समय से आकर कार्यों को निस्तारित करें। गर्मी को देखते हुये पशुओं को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद कमिश्नर 11:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे।

जन औषधि केन्द्र के दवा काउन्टर पर दवा खरीद रहे दो महिलाओं द्वारा खरीदी गई दवा के दाम व एक्सपायरी डेट परखी, जो सही मिली। निर्देश दिया कि दवाओं का अधिक से अधिक मात्रा में स्टाक उपलब्ध रखे। खरीदने वाले मरीजो को बिल उपलब्ध करायें। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत एमडीआर क्षय रोगियों के लिए नई दवा बेडाविचलिन को जनपद में प्रथम बार दो रोगियों सुफिया खान एवं बलराम को उपलब्ध कराकर लांच किया। दो लाभार्थियों को पोषक आहार की किट प्रदान की।

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