मुरादाबाद : अमेरिकी पोर्ट पर फंस सकते हैं मुरादाबाद के कंटेनर
मुरादाबाद, अमृत विचार। चाइना की फैक्ट्री खुलने से अमेरिकी पोर्ट पर माल से भरे कंटेनरों की आवक बढ़ने की संभावना है। जिससे पोर्ट पर क्षमता से अधिक कंटेनर पहुंचेंगे और लेबर कम होनी की वजह उत्पाद से भरा कंटेनर को खाली करने में विलंब होगा। यही वजह है कि कस्टम क्लियरेंस कराने में निर्यातकों को …
मुरादाबाद, अमृत विचार। चाइना की फैक्ट्री खुलने से अमेरिकी पोर्ट पर माल से भरे कंटेनरों की आवक बढ़ने की संभावना है। जिससे पोर्ट पर क्षमता से अधिक कंटेनर पहुंचेंगे और लेबर कम होनी की वजह उत्पाद से भरा कंटेनर को खाली करने में विलंब होगा। यही वजह है कि कस्टम क्लियरेंस कराने में निर्यातकों को समस्या होगी। इसको लेकर नेशनल रिटेल फेडरेशन ने भी चेतावनी दी है। जिसके बाद से महानगर के निर्यातकों में चिताएं बढ़ गई हैं। क्योंकि पोर्ट पर उत्पाद भरा कंटेनर जल्द खाली नहीं हो सकेगा। साथ ही पैसा मिलने में समस्या होगी।
कोरोना के चलते सभी देशों से निर्यात पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ी तो कारोबार को गति मिली। अब चाइना ने भी अमेरिका को निर्यातक करना शुरू कर दिया है। जिस वजह से अमेरिका पोर्ट पर शटडाउन लगने की संभावना है। पोर्ट पर पहले लोड कंटेनर के उत्पाद को उतारा जाएगा। जिस वजह से बाकि देशों के उत्पाद से भरे कंटेनरों को अन्य पोर्ट ही रोक दिया जाता है। इस वजह से निर्यातक चिंतित हैं। क्योंकि उत्पाद से भरा कंटेनर पोर्ट पर फंसा रहेगा। श्इस कारण से पेमेंट भी विदेशी ग्राहकों को उत्पाद मिलने के बाद ही मिल सकेगी।
हालांकि सभी पोर्ट की सीमित क्षमता होती है, लेकिन अचानक से आवक बढ़ेगी। ऐसे में पोर्ट पर कर्मचारी भी कम है। जबकि पोर्ट पर कर्मचारियों को 24 घंटे के लिए नियुक्त कर दिया गया है। बावजूद इसके कंटेनर खाली कर पाना आसान नहीं होगा। कंटेनर डिपों के जनरल मैनेजर आशीष गौतम ने बताया कि मुरादाबाद से अमेरिका में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। यहां से हर माह करीब चार से पांच हजार कंटेनर विभिन्न देशों में जाते हैं। इसमें केवल अमेरिका के उत्पाद से भरे दो से ढाई हजार कंटेनर होते है।

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