भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया : पवन सिन्हा

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लखनऊ। आध्यात्मिक संत व वरिष्ठ विचारक पवन सिन्हा ने राजधानी में आयोजित मातृभूमि वंदन कार्यक्रम में कहा कि भारत की संस्कृति दुनिया की अन्य संस्कृतियों से हजारों वर्ष प्राचीन है। भारत सभी संस्कृतियों से 5000 वर्ष पूर्व विज्ञान के क्षेत्र में उत्कर्ष प्राप्त कर चुका था। भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। दुनिया …

लखनऊ। आध्यात्मिक संत व वरिष्ठ विचारक पवन सिन्हा ने राजधानी में आयोजित मातृभूमि वंदन कार्यक्रम में कहा कि भारत की संस्कृति दुनिया की अन्य संस्कृतियों से हजारों वर्ष प्राचीन है। भारत सभी संस्कृतियों से 5000 वर्ष पूर्व विज्ञान के क्षेत्र में उत्कर्ष प्राप्त कर चुका था। भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। दुनिया की बाकी संस्कृति बहुत बाद की हैं।

पवन सिन्हा ने कहा कि जब से भारत की हवा में परिवर्तन हुआ है तब से संतो को बुद्धिजीवी माना जाने लगा है। अब संतों की भी बात भी लोग सुन रहे हैं। आज समाज में समझ व स्वीकार्यता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत के ऋषियों ने हजारों वर्षों तक निरंतर अनुसंधान किया है। इसके आधार पर उन्होंने कुछ कहा है। चंद्रमा की गति से भोजन करना चाहिए। इ

सलिए एकादशी के दिन जल व अमावस्या के दिन जल वा फल लेना चाहिए। नवरात्रि में भोजन छोड़ देना चाहिए। क्योंकि मनुष्य की संवेदनाएं हर पल अलग-अलग होती हैं। इसका वैज्ञानिक कारण भी है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद जी महाराज और डॉक्टर राम शंकर उपाध्याय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रेम कांत तिवारी ने किया।

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