बाराबंकी: अधिवक्ताओं की गाड़ियों का अतिक्रमण हटाने पहुंचे ईओ बैरंग लौटे वापस, जानें वजह

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बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या मार्ग सड़क पर पर कचेहरी के सामने खड़ी अधिवक्ताओं की गाड़ियों का अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, तहसीलदार, सहित पुलिस बल को वकीलों के विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क था हमारी गाड़ियों को पार्किंग के लिए जगह मिल जाये अतिक्रमण हट जायेगा। इस पर …

बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या मार्ग सड़क पर पर कचेहरी के सामने खड़ी अधिवक्ताओं की गाड़ियों का अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, तहसीलदार, सहित पुलिस बल को वकीलों के विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क था हमारी गाड़ियों को पार्किंग के लिए जगह मिल जाये अतिक्रमण हट जायेगा।

इस पर नगरपालिका परिषद नबाबगंज के ईओ एवं तहसीलदार का कहना था कलेक्ट्रेट के ठीक सामने बने लेखपालों के पुराने कार्यालय परिसर में वकील गाडियां खड़ी कर सकते हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी इस बात पर राजी नहीं हुये। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा का कहना है जिले में लगभग साढ़े तीन हजार वकील हैं और पैरोकारी करने के लिए आने वाले मुश्किल को मिला कर दिन में पांच हजार से अधिक लोग आते हैं। गाड़ियों को खड़ा करने की प्रशासन द्वारा कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है जबकि यह समस्या बड़ी है।

प्रशासनिक अमले ने कचेहरी परिसर का निरीक्षण कर गाड़ियों को खड़ी करने की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने की कोशिश की गई तो जनेस्मा डिग्री कालेज से कचेहरी परिसर में और बाहर रोड पर इतनी गाडियां खड़ी थी कि अधिकारी देख दंग रह गये। वकीलों के ठोस और तर्क संगत जबाव सुन प्रशासन उल्टे पांव वहां से लौट आये। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, महामंत्री रितेश मिश्रा, उपाध्यक्ष मोहन सिंह, पूर्व महामंत्री बार एसोसिएशन हरीश अग्निहोत्री ललित वर्मा, हरीश अग्निहोत्री, मो अब्बास जैदी, अजय चौहान, राम राज यादव सहित सैकड़ों की संख्या में वकील मौजूद रहे।

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