लखनऊ: प्रतिबंधित पॉलीथिन शहर के लिये बना संकट, दुकानों पर खुलेआम हो रहा प्रयोग
लखनऊ। शहर की स्वच्छता को पलीता लगाने वाली प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथिन का खुलेआम राजधानी में प्रयोग हो रहा है। बाजार में छोटे से लेकर बड़े दुकानदार ग्राहकों को सामान देने में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं इसकी बिक्री करने वाले माफिया भी पूरी तरह शहर में सक्रिय हैं, जिनकी बदौलत पॉलीथिन …
लखनऊ। शहर की स्वच्छता को पलीता लगाने वाली प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथिन का खुलेआम राजधानी में प्रयोग हो रहा है। बाजार में छोटे से लेकर बड़े दुकानदार ग्राहकों को सामान देने में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं इसकी बिक्री करने वाले माफिया भी पूरी तरह शहर में सक्रिय हैं, जिनकी बदौलत पॉलीथिन दुकानदारों तक आसानी से पहुंच रही है।
मगर प्रशासन की हीला-हवाली के चलते इस पर लगाम नहीं लग पा रही है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी सुध नहीं लिए जाने से विक्रेताओं और दुकानदारों के हौंसले बुलंद है। जबकि प्रदेश में प्रतिबंधित पॉलीथिन के प्रयोग पर बैन है। पॉलीथीन पकड़ने जाने पर सख्ती के साथ जुर्माना वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश हैं।
लखनऊ के मुख्य बाजार, गली-मोहल्ले की छोटी दुकानों से लेकर फुटपाथ पर सामान, फल व सब्जी की बिक्री करने वाले विक्रेता तक प्रतिबंधित पॉलीथिन का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। राजधानी के बाजार से लेकर सड़कों तक पर इसका खुलेआम इस्तेमाल होता दिखाई पड़ता है, मगर प्रशासनिक अमला इस ओर से अपनी आंखे मूंद हुए है।
नगर निगम प्रवर्तन दल का अभियान भी पिछले कुछ दिनों से ठंडा पड़ गया है। जिलाधिकारी व मंडलायुक्त के स्तर पर भी प्रतिबंधित पॉलीथिन की सप्लाई करने वाले माफिया की धर-पकड़ के लिए कार्ययोजना कागजों में तो बन रही है, मगर उसको धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है। अवैध रुप से प्लास्टिक और पॉलीथीन के इस्तेमाल के बाद उसका कूड़ा नालों में डाले जाने से शहर में सीवर चोक होने से गली-मोहल्लों की नालियों में पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
जिससे जलभराव और गंदा पानी सड़कों पर बहने की समस्या से लोगों का जीवन दूभर होता है। गंदगी की समस्या उत्पन्न होने से स्वच्छता को पलीता लगता है। स्वच्छता पर सरकार का पूरा फोकस है और उसी के दृष्टिगत करोड़ों रुपया शहर की साफ-सफाई पर सरकार खर्च कर रही है, मगर प्रशासनिक स्तर पर हीला-हवाली के चलते प्रतिबंधित पालीथीन की अवैध बिक्री और यूज पर पूरी तरह लगााम नहीं लग पा रही है।
अभियान में पकड़ा गया प्लास्टिक
लखनऊ में जब-जब नगर निगम प्रवर्तन दल की ओर से अवैध प्लास्टिक व पॉलीथिन के खिलाफ अभियान छेड़ा गया, तब-तब बड़ी मात्रा में दुकान और गोदामों से इसकी बिक्री और इस्तेमाल होते पकड़ा गया है। विभाग के आंकड़े की गवाही दे रहे हैं। प्रवर्तन दल के प्रभारी रिटायर्ड कर्नल सतेन्द्र सिंह ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में पॉलीथिन को जब्त किया गया है।
इसकी बिक्री करने वालों से जुर्माने की वसूली भी की गई। पॉलीथिन के खिलाफ अभियान से चार मई तक 98 लाख रुपये से अधिक की जुर्माना के रुप में धनराशि को वसूला गया है। 68 हजार किलो से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक और पॉलीथिन को कब्जे में लिया गया। बरामद पॉलीथिन का इस्तेमाल लखनऊ विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने सड़क निर्माण में किया है।
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