बाराबंकी: टैक्सी स्टैंड स्थल चिन्हित न होने से परेशान हो रहे यात्री, ई-रिक्शा चालक वसूल रहे मनमाना किराया
बाराबंकी। शहर स्थित बस स्टाप से लखनऊ व विभिन्न तहसीलों तक जाने वाली बसों का टोटा है प्रतिदिन शहर से राजधानी सहित जिले के विभिन्न तहसीलों तक का सफर करने वाले मुसाफिरों को बसों से यात्रा करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। शहर में अवैध रूप से चल रहे टैक्सी स्टैंडों को बीते …
बाराबंकी। शहर स्थित बस स्टाप से लखनऊ व विभिन्न तहसीलों तक जाने वाली बसों का टोटा है प्रतिदिन शहर से राजधानी सहित जिले के विभिन्न तहसीलों तक का सफर करने वाले मुसाफिरों को बसों से यात्रा करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। शहर में अवैध रूप से चल रहे टैक्सी स्टैंडों को बीते दिनों हटा दिया गया और अभी तक टैक्सी स्टैंडों की जमीन का चिन्हांकन न होने से जहां रोज सफल करने वाले यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं टैक्सी ड्राइवर भी पेशोपेश में है कि सवारियां कहां से भरी जायें। शहर से ब्लाक कस्बों या लखनऊ के करीब तक का सफर करने वाले वो यात्री जो लम्बे समय तक बसों का इन्तजार नहीं कर सकते वो पूरी तरह से इन्हीं टैक्सी गाड़ियों पर पूरी तरह से निर्भर है ऐसे दैनिक यात्रियों की संख्या लगभग पचास हजार के आस -पास है।
धक्का-मुक्की के बीच सफ़र करने को विवश हैं मुसाफिर, करते हैं घंटों इंतजार
बाराबंकी से लखनऊ पढ़ाई, नौकरी या अन्य कामों से जाने वाले लोगों की संख्या काफी है हजारों की संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनका लखनऊ से बाराबंकी रोज आना जाना लगा रहता है। कहने को तो रोडवेज प्रशासन हर पांच मिनट पर बस होने का दवा करता है पर स्थितियां ठीक इसके विपरीत है बसों में बिना घक्का मुक्की किते आप चढ़ ही नहीं सकते। ऐसे में अब उन यात्रियों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा जो टैक्सी स्टैंड से जाने वाली गाड़ियों पर निर्भर थे।
ई-रिक्शा वाले वसूल रहे मनमाना किराया
सड़क पर अवैध टैक्सी स्टैंडों का अतिक्रमण हट जाने और भूमि का चिन्हांकन न होने की वजह से श्हर से दूर टैक्सी ड्राइवर अपनी गाड़ियों में सवारी भर रहे हैं ।ऐसे में शहर के यात्रियो को पहले ई -रिक्शे से शहर के बाहर अषोषित टैक्सी स्टैण्ड तक जाने के लिए मनमाना पैसा टैक्सी वालों द्वारा लिया जा रहा है।
“20 बसों का टेंडर 27 तारीख़ को खुलेगा । ग्रामीण इलाकों के लिए भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है शीघ्र ही उसका भी टेंडर खुल जाने से बसों की संख्या बढ़ जायेगी । यात्रियों की सुविधाओं के लिए हमने अवध से चारबाग कैसरबाग से चलने वाली बसों की मांग भी की है…आरएस वर्मा एआरएम”।
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