हनुमत भक्ति में लीन हुआ बाराबंकी, जगह-जगह लगे भंडारे

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बाराबंकी। हनुमत उपासना के पवित्र मास जेठ के दूसरे मंगल के पावन अवसर पर जिले में जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिसमें शहर से लेकर गांव तक ज्यादातर हनुमान मंदिर सजे धजे रहे। मंदिरों में जहां श्रद्धालु विशेष आराधना करते नजर आए। तो कई जगहों पर बड़े-बड़े भंडारों और भजन कीर्तन आयोजित किए गए। …

बाराबंकी। हनुमत उपासना के पवित्र मास जेठ के दूसरे मंगल के पावन अवसर पर जिले में जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिसमें शहर से लेकर गांव तक ज्यादातर हनुमान मंदिर सजे धजे रहे। मंदिरों में जहां श्रद्धालु विशेष आराधना करते नजर आए। तो कई जगहों पर बड़े-बड़े भंडारों और भजन कीर्तन आयोजित किए गए।

शहर में सर्वप्रथम भंडारे की शुरुआत लखनऊ बहराइच सड़क स्थित डीएम बंगले के सामने निजी प्रतिष्ठान पर हुई। जिसमें लोगों को छोला चावल व बूंदी वितरित की गई। इस मौके पर आलोक त्रिपाठी, राजेश पांडेय, मीनू त्रिपाठी सहित अन्य भक्तजन उपस्थित रहे।

लखपेड़ाबाग चौराहे पर आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं की ओर से लोगों को पूरी सब्जी का वितरण किया गया। तो कहीं लोगों ने भक्तों के लिए तरह-तरह के शीतल पेय पदार्थ वितरित किए।

हनुमत भक्ति में भाव-विभोर जिला प्रशासन

हनुमत भक्ति से जिले का जिला प्रशासन भी अछूता नहीं रहा। आज सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में लगे बरगद के पेड़ के नीचे स्थित  हनुमान मंदिर में जिला अधिकारी डॉ आदर्श सिंह व एडीएम राकेश सिंह ने भगवान हनुमान की विधिवत पूजा अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की। इस दौरान सभी ने वहां आयोजित भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। जिसमें बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट कर्मचारी व अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।

बीते 100 सालों से लगता है भक्तों का जमावड़ा

शहर के मुख्य धनोखर चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर में सुबह पुजारी मुरारी द्वारा हनुमान जी की प्रतिमा पर चोला चढ़ाकर उनका भव्य श्रृंगार किया गया। बाद में पूजन अर्चन कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए।

मुख्य पुजारी ने बताया कि तकरीबन 100 साल से भी पुराने इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। जेठ के दिन हनुमान जी की विशेष उपासना के दिन होते हैं। यदि कोई भक्त निश्छल मन से श्री हनुमान जी को अपनी  समस्या बताता है। श्री हनुमान जी उनकी जीवन की कठिन से कठिन समस्याओं को पल भर में हल कर देते हैं।

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