पीलीभीत: माता-पिता नौकरी में फिर भी कैसे मिली मृतक आश्रित में नौकरी, जांच शुरू

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पीलीभीत, अमृत विचार। सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक नीरज श्रीवास्तव पर एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने नौकरी में फर्जीवाड़ा और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ के स्वास्थ्य निदेशक प्रशासन डॉ. आर राजा गणपति से शिकायत की थी। इस मामले में शासन ने सीएमओ से पहले लिपिक की नियुक्ति पत्रावली तलब …

पीलीभीत, अमृत विचार। सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक नीरज श्रीवास्तव पर एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने नौकरी में फर्जीवाड़ा और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ के स्वास्थ्य निदेशक प्रशासन डॉ. आर राजा गणपति से शिकायत की थी। इस मामले में शासन ने सीएमओ से पहले लिपिक की नियुक्ति पत्रावली तलब करने के बाद अब शासन ने उनकी मां की नियुक्ति पत्रावली भेजने के लिए सीएमएस महिला को पत्र भेजा है।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रहे धीरेंद्र सिंह ने लिपिक नीरज श्रीवास्तव की भी स्वास्थ्य निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि लिपिक नीरज सिंह श्रीवास्तव ने मृतक आश्रित कोर्ट में फर्जी तरीके से नियुक्ति कराई गई है। जबकि उनके माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में ही इसी विभाग में कार्यरत थे। इसके अलावा कई अन्य आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर महानिदेशक प्रशासन ने इस प्रकरण में 16 मार्च 2022 को निदेशक प्रशासन ने अपर निदेशक डॉ. एस सी सिंह को ही सौंपी थी।

जांचधिकारी ने जांच शुरू करते हुए सीएमओ से लिपिक नीरज की नियुक्ति पत्रावली तलब की थी। जिसके बाद शनिवार को शासन से जांचधिकारी डॉ. एस सी सिंह ने सीएमएस महिला को एक पत्र जारी किया है। जिसमें उनसे लिपिक नीरज की माता ऊषा देवी की नियुक्ति से लेकर सेवाकाल तक सात बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने तीन दिन के भीतर सीएमएस से रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

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