चौथे स्तंभ के नाते समाज के प्रति पत्रकारों की अहम जिम्मेदारी: नरेंद्र वर्मा
बाराबंकी। तपती धूप हो या बरसात का मौसम रूह कंपाती ठंड के बीच पत्रकार सरकार प्रशासन और समाज को सच दिखाने की जद्दोजहद में भूखा प्यासा लगा रहता है। यह विचार हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पंचायत सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी में बोलते हुए बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने …
बाराबंकी। तपती धूप हो या बरसात का मौसम रूह कंपाती ठंड के बीच पत्रकार सरकार प्रशासन और समाज को सच दिखाने की जद्दोजहद में भूखा प्यासा लगा रहता है। यह विचार हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पंचायत सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी में बोलते हुए बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कही ।
उन्होंने कहा कि कभी कभी तो ऐसा भी होता है बरसात में कपड़े भीगने पर बदन पर ही कपड़े सूख जाते हैं ।क्युं कि चौथे स्तम्भ के नाते समाज के प्रति उनकी ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है । भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रशांत मिश्रा ने कहा पत्रकार सच के सबसे करीब रहता है और पाठक का उस पर विश्वास गहरा होता है इस लिए पत्रकारों की लेखन को लेकर भूमिका निरपेक्ष होनी चाहिए।
बार एसोसिएशन के महामंत्री रितेश मिश्रा ने कहा बहुत से पत्रकार बहुत कुछ लिखना भी चाहते हैं और उनके अन्दर वो ऊर्जा है कि लिख भी सकते हैं पर कहीं-कहीं पर उनकी मजबूरियां होती है कि उनकी कलम को बांध दिया जाता है। प्रकाशकों की इस वृत्ति की वजह से समाज का बड़ा नुकसान हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन मीडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जंहगीराबाद के शिक्षक अनूप श्रीवास्तव ने की।
कार्यक्रम में दूसरे जिलों से भी वरिष्ठ पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया था आलोक, बहराइच से योगेन्द्र ‘ योगी ‘ वरिष्ठ पत्रकार अदिति मिश्रा के साथ- साथ जिले के वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रकान्त मौर्य , महंत बीपी दास , परवेज , सुरेश बहादुर कौशिक से श्रुतिमान शुक्ला सहित सैकड़ों की संख्या में जिले के प्रतिष्ठित पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार अंकित मिश्रा, नितेश मिश्रा, अलीमशेख, पाटेश्वरी प्रसाद, संतोष शुक्ला, दिनेश श्रीवास्तव पत्रकार अनिल यादव की देख रेख में आयोजित किया गया।
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