कोलकाता चला मुरादाबाद का टमाटर, फुटकर में 50 रुपये
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम की तरह टमाटर का बाजार गरम है। सप्ताह भर में टमाटर का बाजार भाव तीन गुना बढ़ गया है। इसके पीछे बाहर से माल नहीं आने को कारण माना जा रहा है। जबकि स्थानीय फॉर्मों से टमाटर की खेप कोलकाता, लखनऊ और वाराणसी की मंडियों में भेजा जा रही है। मुरादाबाद …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम की तरह टमाटर का बाजार गरम है। सप्ताह भर में टमाटर का बाजार भाव तीन गुना बढ़ गया है। इसके पीछे बाहर से माल नहीं आने को कारण माना जा रहा है। जबकि स्थानीय फॉर्मों से टमाटर की खेप कोलकाता, लखनऊ और वाराणसी की मंडियों में भेजा जा रही है।
मुरादाबाद मंडी में 500-600 कैरेट (माल रखने वाला बर्तन) टमाटर की बिक्री हो रही है। एक कैरेट में 20-35 किलोग्राम टमाटर आता है। यह स्थानीय बाजार की आपूर्ति है। जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों से यहां टमाटर की भरपूर आपूर्ति होती है। सूत्रों का दावा है कि अबकी बाहर से फॉर्म हाउसों में टमाटर की फसल खराब हो गई है।
मंडी में थोक भाव 25-30 रुपए
स्थानीय फॉर्म हाउसों का उत्पाद लोकल मंडी से दूसरे राज्य के बाजारों में भेजा जा रहा है। मंडी में थोक के भाव टमाटर 25 से 30 प्रति किलोग्राम बिक रहा है, जो बाजार में फुटकर दर पर 50 रुपये पहुंच गया है। दिल्ली और मुंबई में एक सप्ताह से टमाटर का बाजार चढ़ा हुआ है। जानकार कहते हैं कि जिले के ठाकुरद्वारा, बिलारी, कुंदरकी, अमरोहा के हसनपुर- जोया, संभल के खेतों से सीधे कोलकाता- लखनऊ। वाराणसी और गुजरात के अहमदाबाद तक टमाटर भेजा जा रहा है। सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह कहते हैं कि उत्पादन घटने से अचानक बाजार उछला है। बीते तीन वर्षों में टमाटर दो से चार रुपये के भाव थोक मंडी में बिका। कई वर्ष बाद बाजार ने पलटी मारी है। जुलाई से अगस्त तक नई फसल आएगी। पीपलगांव और मध्य प्रदेश की मंडियों से आपूर्ति होगी, तब तक टमाटर का भाव कम नहीं होने वाला है।
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