मुरादाबाद : नगर निगम चुनाव में छह माह का समय, बिछने लगी बिसात
मुरादाबाद, अमृत विचार। नगर निगम चुनाव की तारीखों का ऐलान छह माह में होगा। दिसंबर 2017 में पिछली बार हुए चुनाव में निगम बोर्ड में भाजपा का बहुमत होने से कब्जा रहा। समाजवादी पार्टी ने भाजपा के लिए कड़ी चुनौती पेश की। अब जबकि छह महीने का वक्त वर्तमान बोर्ड को बचा है। नए चुनाव …
मुरादाबाद, अमृत विचार। नगर निगम चुनाव की तारीखों का ऐलान छह माह में होगा। दिसंबर 2017 में पिछली बार हुए चुनाव में निगम बोर्ड में भाजपा का बहुमत होने से कब्जा रहा। समाजवादी पार्टी ने भाजपा के लिए कड़ी चुनौती पेश की। अब जबकि छह महीने का वक्त वर्तमान बोर्ड को बचा है। नए चुनाव के लिए अब से पार्टियों में बिसात बिछने लगी है।
- वर्तमान पार्षदों में किसी को हार का डर, कोई फिर जीत को आश्वस्त
- वर्तमान बोर्ड में भाजपा का बहुमत, 70 से आधे 35 पार्षद भाजपा के हैं
- हार की आशंका से सहमे हैं कई पार्षद तो कई को है फिर से जीत का भरोसा
- अभी से गोटी बिछाने में लगे हैं दावेदार
महापौर विनोद अग्रवाल के नेतृत्व में नगर निगम बोर्ड में भाजपा का बहुमत है। विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद में भले भाजपा का लचर प्रदर्शन रहा और पार्टी को छह में सिर्फ पांच सीटों पर जीत मिली, लेकिन प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दोबारा सरकार बनने का प्रभाव नगर निगम चुनाव पर पड़ना तय है। हालांकि जिले में छह में से पांच विधानसभा सीटों पर जीत से सपा के हौसले भी बुलंद हैं। सांसद भी समाजवादी पार्टी के हैं। इसके दम पर सपा नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत से उतरने का ताना-बाना बुन रही है।
वहीं, भाजपा भी दोबारा निगम चुनाव में दबदबा बरकरार रखना चाहती है। 70 वार्डों के निगम में भाजपा के 35 पार्षद हैं। जबकि 10 मनोनीत पार्षद हैं। सपा और भाजपा के दिग्गज अभी से निगम चुनाव के लिए गोटियां बिछाने में लगे हैं तो पिछली बार 10 पार्षद जीतने वाली कांग्रेस भी दमखम दिखाने की तैयारी में है। हालांकि छह महीने का वक्त शेष रहने से सबसे अधिक चुनौती भाजपा के सामने ही है। पार्टी के अधिकांश पार्षद दोबारा टिकट पाकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं तो हर वार्ड से दो-चार नए चेहरे भी इस बार कमल के सहारे पार्षद बनने का ख्वाब पाले हैं। ऐसे में टिकट की सर्वाधिक मारामारी भाजपा में ही दिखना तय है।

हालांकि सपा सदन में मुख्य विपक्ष की भूमिका में है, उसके 17 पार्षद पिछली बार निर्वाचित हुए थे। ऐसे में वह भी मजबूती से मैदान में उतरने की तैयारी में है। सपा के पार्षद दल के नेता इकबाल अंसारी का कहना है कि इस बार सपा के कम से कम 30 पार्षद जीतकर आएंगे। इसमें एक भी कम नहीं होंगे। बहुमत सपा का ही रहेगा। निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव होने पर भाजपा की हार तय है। दूसरी ओर कांग्रेस भी निगम चुनाव में पूरी दमदारी से उतरने का दावा कर रही है। वहीं, भाजपा के महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्रनाथ मिश्र का कहना है कि अभी तो नगर निगम चुनाव की घोषणा ही नहीं हुई है। अभी इसको लेकर कोई बैठक या रणनीति पर बात नहीं हो रही है।
ये भी पढ़ें : कानपुर के छात्र मुरादाबाद में सीखेंगे कृषि व्यवसाय प्रबंधन
