पीलीभीत: बाघिन की मौत में फंसा पेंच, आपसी संघर्ष या फिर शिकार

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पीलीभीत, अमृत विचार। बाघिन का शव शुक्रवार दोपहर हरदोई ब्रांच नहर में मिलना कोई पहली घटना नहीं है। टाइगर रिजर्व के बनने के बाद आठ साल के भीतर पांच बाघों के शव इसी नहर में मिल चुके हैं। बाघिन के शरीर पर चोट के निशान को देखते हुए उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही …

पीलीभीत, अमृत विचार। बाघिन का शव शुक्रवार दोपहर हरदोई ब्रांच नहर में मिलना कोई पहली घटना नहीं है। टाइगर रिजर्व के बनने के बाद आठ साल के भीतर पांच बाघों के शव इसी नहर में मिल चुके हैं। बाघिन के शरीर पर चोट के निशान को देखते हुए उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वन अफसर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की दियूरिया रेंज की सीमा से सटे इलाके में हरदोई ब्रांच नहर में शुक्रवार दोपहर कुछ ग्रामीणों ने बाघिन के शव को देखा तो इसका सूचना वनकर्मियों को दी। बाघिन का शव मिलने के जानकारी लगते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। बाघिन का शव मिलने की जानकारी पर पीटीआर में हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी प्रभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। वन अफसरों के निर्देश पर वनकर्मियों ने बाघिन के शव को नहर से बाहर निकाला। बाघिन के शव की पड़ताल की गई। पड़ताल के दौरान बाघिन के पेट के समीप एक चोट का निशान पाया गया है। इसके चलते बाघिन की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अफसर आपसी संघर्ष में भी चोट लगने के संकेत दे रहे हैं।

वहीं आशंका जताई जा रही है कि बाघिन पर शिकारियों ने हमला किया होगा और उसी हमले में उसे चोट लगी है। हालांकि चोट के निशान को लेकर वन अफसर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बाघिन की उम्र चार-पांच साल होना बताई जा रही है। बाघिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। फिलहाल नहर मे मिले अन्य मृत बाघों की तरह ही कहीं इस बाघिन की मौत भी अनसुलक्षी गुत्थी बनकर तो नहीं रह जाएगी, इसका खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा।

बाघिन की नहीं हो सकी पहचान
मृत बाघिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व की है या फिर हरदोई ब्रांच नहर में किसी अन्य जंगल से बहकर आई है, इसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। वन अफसरों से बाघिन की पहचान को उत्तराखंड की सुरई रेंज, खटीमा रेंज और तराई ईस्ट डिवीजन से संपर्क साधा है।

व्यस्क बाघिन की मौत के बार में कुछ कहना जल्दबाजी होगा। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। बाघिन कहां की है, इसको लेकर उत्तराखंड की वन रेंज समेत तराई ईस्ट डिवीजन से सपंर्क साधा गया है।- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत तराई रिजर्व।

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