बरेली: सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में गन्ना भुगतान, बिजली कटौती समेत अन्य मांगों पर किसानों का प्रदर्शन

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अमृत विचार, बरेली। गन्ना भुगतान नहीं होने, बिजली कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को शहर में जबर्दस्त प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ महिलाओं भी शामिल थीं। महिला-पुरुषों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में कई घंटे तक धरना दिया और बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसके बाद …

अमृत विचार, बरेली। गन्ना भुगतान नहीं होने, बिजली कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को शहर में जबर्दस्त प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ महिलाओं भी शामिल थीं। महिला-पुरुषों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में कई घंटे तक धरना दिया और बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसके बाद किसानों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट में पहुंचकर नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को संबोधित छह सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

किसानों का आरोप है कि आंवला में इफको फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध किसान लंबे समय से धरने पर बैठे हैं लेकिन अधिकारी समस्याओं का निराकरण नहीं करा रहे हैं। मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले पशुओं को गोशालाओं में भेजे जाने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। पशुओं के झुंड उनकी फसलें बर्बाद कर रहे हैं। मंडल के गन्ना किसानों का भुगतान अभी शेष है। जिसका भुगतान शीघ्र कराने की मांग उठाई।

सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने घरेलू बिजली पर 300 यूनिट मुफ्त, निजी नलकूप की सिंचाई मुफ्त करने की बात कही थी लेकिन अब सरकार निजी नलकूपों पर मीटर लगाने की तैयारी कर रही है। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े लोग इसका विरोध करेंगे। मांग करते हुए कहा कि जो वादा सरकार ने किसानों से किए थे, उन्हें पूरा करें। किसानों को निजी कार्यों के लिए मिट्टी की आवश्यकता पड़ती है तो पुलिस अधिकारी किसानों पर खनन करने का आरोप लगाकर कार्रवाई कर देते हैं।

आरोप लगाया कि किसानों से रजिस्ट्री ऑफिस में दो प्रतिशत अवैध वसूली की जाती है। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, यामीन मलिक, कुलवीर सिंह, हरवीर सिंह गुर्जर, सार्थक संधू, अमर पाल सिंह, विजेंद्र कुमार के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे। इससे पहले किसानों ने मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा था लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।

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