पीलीभीत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बाघिन की मौत का नहीं हो सका खुलासा
पीलीभीत, अमृत विचार। पांच दिन पहले हरदोई ब्रांच नहर के दंदौल पुल के समीप बाघिन का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर अफसरों ने तत्काल बाघिन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया था। मंगलवार को आईवीआरआई से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो …
पीलीभीत, अमृत विचार। पांच दिन पहले हरदोई ब्रांच नहर के दंदौल पुल के समीप बाघिन का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर अफसरों ने तत्काल बाघिन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया था। मंगलवार को आईवीआरआई से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। अफसरों का दावा है कि बाघिन की मौत जहर और चोट से नहीं हुई है। इसलिए अब बाघिन का बिसरा प्रिजर्व करके लैब में परीक्षण को भेजा जा रहा है।
चार जून को पूरनपुर वन्य एवं वन्यजीव प्रभाग की रेंज के तहत गांव मटेहना के पास हरदोई ब्रांच नहर से अधिकारियों ने एक बाघिन का शव बरामद किया था। शव मिलने के बाद हत्या और अन्य कारणों को लेकर चर्चा काफी तेज हुई थी। मौत का कारण पता लगाने के लिए सोमवार को बरेली के आईबीआरआई में पोस्टमार्टम कराया गया था। बरेली से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह से स्पष्ट नहीं हो सकी है।
डॉक्टर की रिपोर्ट में बाघिन के पोस्टमार्टम में जहर की भी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि उसकी मौत बीमारी से होने की वजह मान रहे हैं। इधर, वन अफसरों का मानना है कि बाघिन का शव मिलने के उसे ट्रेस करने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डेटा से मिलान किया गया तो वह इस जंगल की नहीं पाई गई।
इसलिए अब उसके फोटो समेत अन्य डेटा देहरादून वर्ल्ड लाइफ को भेजा गया है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह से स्प्ष्ट नहीं हो सकी है। इसलिए बिसरा सुरक्षित करके परीक्षण के लिए भेजा गया है। साथ ही कोविड सैंपल भी कराया जाएगा। इन जांचों के बाद ही मौत का पता चल सकेगा।
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