बरेली: योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं- डीएम
अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा आयोजित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तैयार उत्पादों की मार्केटिंग एवं पैकेजिंग संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) ने कहा कि जनपद में चल रही विभिन्न विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। …
अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा आयोजित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तैयार उत्पादों की मार्केटिंग एवं पैकेजिंग संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) ने कहा कि जनपद में चल रही विभिन्न विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जनपद में स्वयं सहायता समूह भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।
कार्यशाला में डीएम शिवाकान्त द्विवेदी ने कहा कि महिला सहायता समूहों की क्रियाशीलता बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। स्वयं सहायता समूहों की संख्या तहसीलों तथा ब्लाकों में बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए आधुनिक पद्धतियां अपनाई जाएं। इस प्रकार के तैयार उत्पादों को बाजार मूल्य पर बेचने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि मार्केटिंग के लिए एक व्यापार बंधु की बैठक बुलाई जाए, जिसमें स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का उचित मूल्य निर्धारित किया जाए। स्वयं सहायता समूह की देखरेख के लिए एक कैडर बनाया जाए, जो समस्त स्वयं सहायता समूह की देखरेख करें। डीएम ने कहा कि जनपद में स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों में बांस बेंत, शहद, जरी जरदोजी अत्यधिक प्रसिद्ध है जो कि प्रसन्नता की बात है।
उन्होंने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि समस्त स्वयं सहायता समूह की एक ड्रेस तथा आई कार्ड भी बनाया जाए, जिससे उनकी पहचान हो सके। इसी प्रकार ओडीओपी के तहत भी महिलाएं बढ़-चढ़कर कार्य कर रही हैं। कार्यशाला के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह, उपायुक्त उद्योग ऋषि रंजन गोयल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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