मुरादबाद : ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बाजार में बेजार हो गई नेपाली किशोरी

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मुरादबाद, अमृत विचार। मानव तस्करी को प्रथम दृष्टया कोरी कल्पना करार देने वाले सिस्टम के सामने नेपाली किशोरी बीते पांच दिनों से सवाल बनकर खड़ी है। किशोरी के दावों को सुनने की बजाय सिस्टम ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। सिस्टम को भी पता है कि किशोरी के दावों से उठे सुलगते सवालों का …

मुरादबाद, अमृत विचार। मानव तस्करी को प्रथम दृष्टया कोरी कल्पना करार देने वाले सिस्टम के सामने नेपाली किशोरी बीते पांच दिनों से सवाल बनकर खड़ी है। किशोरी के दावों को सुनने की बजाय सिस्टम ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। सिस्टम को भी पता है कि किशोरी के दावों से उठे सुलगते सवालों का जवाब देना आसान नहीं होगा। यही वजह है उससे सामूहिक दुष्कर्म व ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सनसनीखेज प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई की बजाय कानून के रखवाले विदेशी बेटी की वेदना की लीपापोती में जुट गए। कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने का भगीरथ प्रयास बाल कल्याण समिति ने शुरू कर दिया है।

चार मई को देर शाम महानगर में हरथला रेलवे स्टेशन के समीप फिजा नगर कालोनी में अचानक अफरातफरी मच गई। महिलाओं ने एक मकान में नेपाली किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म होने का दावा किया। मकान से नेपाली मूल की एक किशोरी व दो ऑटो चालक पकड़े गए। पड़ोस में रहने वाले ठेकेदार रहमान के नेतृत्व में मोहल्ले के लोग सिविल लाइंस थाने पहुंचे। नेपाली किशोरी व दोनों ऑटो चालक थाना प्रभारी के सामने पेश हुए। थाना प्रभारी ने किशोरी के बयानों में विरोधाभास बताया। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना बाल कल्याण समिति के पाले में डाल दी गई।

बाल कल्याण समिति ने पहले किशोरी की काउंसिलिंग की। नेपाली किशोरी ने रामपुर, दिल्ली व बाद में मुरादाबाद में दुष्कर्म होने का दावा किया। किशोरी के दावे ने न्यायपीठ के कान खड़े हो गए। बाल कल्याण समिति पीड़िता का वास्तविक उम्र का पता लगाने में जुटी। किशोरी का मेडिकल कराया गया। सीडब्ल्यूसी रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रही है। मामले में ह्यूमन ट्रैफिकिंग की पुष्टि के बाद बाल कल्याण समिति हरकत में आ गई है। समिति ने घटना की लिखित जानकारी एएचटीयू थाने को दी है। पत्र के जरिए एएचटीयू को बताया गया है कि नेपाली किशोरी देश के तीन शहरों में सिलसिलेवार दुष्कर्म की शिकार बनी। यहां तक कि नेपाली किशोरी की खरीद फरोख्त तक हुई। नाबालिग विदेशी बेटी की वेदना आम करते हुए न्यायपीठ ने जिम्मेदारों की नींद तोड़ने का प्रयास किया है।

बाल कल्याण समिति की महिला सदस्य की मौजूदगी में कराया जाएगा मेडिकल : बाल कल्याण समिति के सदस्य हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाली किशोरी का मेडिकल परीक्षण होना शेष है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने किशोरी की वास्तविक उम्र का पता लगाने से संबंधित जांच की है। चिकित्सकों ने मौके पर किशोरी की परिजनों की उपस्थिति अनिवार्य बताई। बाल कल्याण समिति की महिला सदस्य की मौजूदगी में किशोरी का मेडिकल कराया जाएगा। इससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

नेपाली एनजीओ के संपर्क में न्यायपीठ
मुरादाबाद की बाल कल्याण समिति नेपाली किशोरी के परिजनों का पता लगाने में जुटी है। परिजनों तक पहुंचने के प्रयास में न्यायपीठ ने एक नेपाली एनजीओ से संपर्क किया है। सदस्य हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाली एनजीओ के माध्यम से किशोरी के परिजनों की तलाश हो रही है।

नेपाली दूतावास को भी पत्र लिखेगी न्यायपीठ
मानव तस्करों के हाथ की कठपुतली बनी नेपाली किशोरी को न्याय दिलाने में कोई कोर कसर छोड़ने को बाल कल्याण समिति कतई तैयार नहीं है। प्रकरण की गंभीरता भांप न्यायपीठ ने नेपाली दूतावास को पत्र लिखने की योजना बनाई है। बाल कल्याण समिति के सदस्य ने बताया कि नाबालिग उम्र में ही नेपाली किशोरी मानव तस्करों के हाथ की कठपुतली बन गई। नाबालिग उम्र में दरिंदगी की शिकार किशोरी को वापस उसके घर भेजने की कोशिश हो रही है।

सब्जबाग दिखाकर छली जा रहीं नेपाली महिलाएं
नेपाली मूल की युवतियों व किशोरियों को सब्जबाग दिखाकर उनके साथ छल करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मानव शरीर के कारोबारी नेपाल से लेकर दिल्ली तक अपना जाल बिछाए हुए हैं। गोरखपुर से लेकर दिल्ली तक नेपाली लड़कियां छल का शिकार बन रही हैं। जिस्म के सौदागर उनको तीन से पांच लाख रुपये में मानव तस्करों के हाथ बेच रहे हैं।

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