अयोध्या: अभी भी सड़कें बनी हैं पार्किंग, चल रहे अवैध टैक्सी स्टैंड… रस्म अदायगी कर खामोश बैठा प्रशासन
अयोध्या। शहर में सड़कों से न पार्किंग हटी न अवैध टैक्सी स्टैंड। सब जस का तस है। वन-वे का झुनझुना पकड़ा कर प्रशासन खामोश बैठा है। यह हाल तब है जब माह भर पहले मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के अंदर अभियान चला कर इसके लिए निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने रस्म अदायगी के लिए …
अयोध्या। शहर में सड़कों से न पार्किंग हटी न अवैध टैक्सी स्टैंड। सब जस का तस है। वन-वे का झुनझुना पकड़ा कर प्रशासन खामोश बैठा है। यह हाल तब है जब माह भर पहले मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के अंदर अभियान चला कर इसके लिए निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने रस्म अदायगी के लिए एक दिन अभियान चलाया उसके बाद एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा। नतीजा शहर के कई इलाकों में अभी भी पहले जैसे हालात बने हुए हैं।
रिकाबगंज से लेकर चौक तक वन-वे ट्रैफिक तो लागू कर दिया गया, लेकिन सड़क के किनारे बना रखी गई वाहनों की पार्किंग वैसे ही हो रही है। सोमवार को जब इस रोड का जायजा लिया गया तो हर बड़ी मार्केट के सामने वाहनों का रेला दिखाई दिया। पटरी से लेकर सड़क का हिस्सा तक इसकी जद में दिखाई दिया। इस रोड पर बने शापिंग माल के बाहर तो और भी बुरी स्थिति दिखाई दी। जहां के तहां वाहन खड़े मिले जिसके चलते वन-वे का फामूर्ला फेल दिखाई दिया।
इसी तरह चौक से रीडगंज रोड पर भी सड़कों के निर्माण न दुकानदारों ने अपने सामान समेटे हैं न ही वाहनों का खड़ा होना ही बंद हुआ है। चौक में भी घंटाघर और मस्जिद के सामने बेतरतीब वाहन खड़े हो रहे हैं। राजकरण इंटर कॉलेज को जाने वाली सड़क पर बने एक शापिंग माल के बाहर तो चार पहिया वाहन तक जाने की जगह नहीं दिखाई दी। चौक से फतेहगंज रोड का भी यही आलम है। वन वे से बस जाम नहीं लग रहा लेकिन सड़क तक अतिक्रमण बरकरार है।

चौक से गुदड़ीबाजार होते हुए नियांवा रोड का नजारा भी यही है। इस रोड पर आधा दर्जन से अधिक शापिंग माल है लेकिन पार्किंग कहीं नहीं, जिसके चलते आधी सड़क तक वाहन खड़े रहते हैं। यातायात व्यवस्था का सारा दावा बेमानी साबित हो रहा है। रिकाबगंज से कचहरी रोड भी जिला प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोलती है। शापिंग माल हो या दुकानें सबके सामने वाहनों का रेला खड़ा मिल जायेगा, जबकि रोजाना इधर से प्रशासन के बड़े अफसरों का आना जाना होता है।
जेल रोड तक ही सिमटा रहा अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 मई को सड़कों को खाली कराने और अवैध टैक्सी स्टैंड हटाने के निर्देश दिए तो दूसरे दिन प्रशासन, प्राधिकरण और निगम जेसीबी लेकर पहुंच गया। वहां घंटों अभियान चला कर अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन उसके दूसरे दिन से शहर के किसी भी क्षेत्र में अभियान नहीं चला, जबकि तहसील क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने जेल रोड पर बड़ी पार्किंग की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक अमल नहीं शुरू हो सका है।
कई क्षेत्रों में बरकरार है अवैध टैक्सी स्टैंड
और जगहों की क्या बात कही जाए शहर के ह्रदय स्थल कहे जाने वाले चौक क्षेत्र में ही अवैध टैक्सी स्टैंड चल रहा है। विकास प्राधिकरण के कामर्शियल काम्प्लेक्स के ठीक सामने बेखौफ होकर टैक्सी गाड़ियां खड़ी रहती हैं। पहले यहां लाटरी अड्डा चलता था अब टैक्सी स्टैंड चल रहा है, जबकि इस घने इलाके में टैक्सी स्टैंड का कोई मतलब नहीं है।
अभी तक हाईवे से भी नहीं हटी वाहनों की कतार
शासन के निर्देश थे कि हाईवे के किनारे खड़े वाहन भी हटाए जाए लेकिन अभी भी खड़े हो रहे हैं। लखनऊ गोरखपुर राजमार्ग पर एक दूसरे तीसरे किलोमीटर पर ढाबों के सामने सड़क पर वाहन खड़े मिल जाएंगे। खास बात यह है कि इसे लेकर कोई अभियान ही नहीं चलाया गया।
वन-वे व्यवस्था से काफी लाभ हुआ है। अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार चेतावनी दी गई। यदि कहीं सड़क पर वाहन व टैक्सी स्टैंड मिलते हैं तो कार्रवाई होगी…विजयपाल सिंह, एसपी सिटी।
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