एक यूनिट ब्लड बचा सकता है तीन जिंदगियां : डॉ. आशीष तिवारी
लखनऊ। विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल मेदांता में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि लैंसेट जर्नल के अनुसार दुनिया में प्रतिवर्ष 100 मिलियन यूनिट ब्लड की कमी है। वहीं, एक यूनिट ब्लड से …
लखनऊ। विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल मेदांता में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि लैंसेट जर्नल के अनुसार दुनिया में प्रतिवर्ष 100 मिलियन यूनिट ब्लड की कमी है। वहीं, एक यूनिट ब्लड से तीन लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकती है।
एक यूनिट ब्लड से तीन कंपोनेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स निकाला जाता है। रक्तदान करने से खून की कमी नहीं होती है। रक्तदान करने के बीच कम से कम तीन माह का अंतराल रखना चाहिए। रक्तदान की प्रक्रिया शुरू करने से पहले रक्तदाता से उसकी संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री ली जाती है, जिससे सुनिश्चत किया जा सके कि रक्तदाता को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है। इस मौके पर उन्होंने शहर के मशहूर यश वॉल्टर के पॉडकास्ट के माध्यम से हाल ही में रक्तदान के प्रति जागरुक किया गया।
यश को शहर ही नहीं देश भर के युवा फॉलो करते हैं। इसके अलावा विश्व रक्तदाता दिवस की पूर्व संध्या पर बच्चों ने पोस्टर व पेंटिंग के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व को बताया। प्रतियोगिता नौ से 13 वर्ष व 14 से 17 आयु वर्ग के बच्चों के बीच हुई। प्रतियोगिता में जीतने वाले बच्चों को पुरस्कार भी दिया गया। कांपिटीशन वर्नेभिनय व कैमलीन के सहयोग से किया गया।
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