शिवराज सिंह पर कमलनाथ का कटाक्ष, कहा- जहां नदी नहीं हो, वहां भी पुल बनाने की घोषणा कर देंगे चौहान

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 इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘‘घोषणाओं के मास्टर’’ करार देते हुए बुधवार को तंज कसा कि चौहान वहां भी पुल बनाए जाने की घोषणा कर सकते हैं, जहां नदी का नामो-निशान तक न हो। कमलनाथ ने आसन्न नगर निगम चुनावों को लेकर इंदौर में कांग्रेस की एक रैली के …

 इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘‘घोषणाओं के मास्टर’’ करार देते हुए बुधवार को तंज कसा कि चौहान वहां भी पुल बनाए जाने की घोषणा कर सकते हैं, जहां नदी का नामो-निशान तक न हो। कमलनाथ ने आसन्न नगर निगम चुनावों को लेकर इंदौर में कांग्रेस की एक रैली के दौरान कहा,‘‘चौहान तो घोषणाओं के मास्टर हैं। उन्होंने पिछले 18 साल में 20,000 घोषणाएं की हैं। इस मामले में उनसे कोई भी मुकाबला नहीं कर सकता। वह तो जहां नदी नहीं हो, वहां भी पुल बनाने की घोषणा कर देंगे।

’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बन चुका भ्रष्टाचार नये औद्योगिक निवेश की राह में बाधा बन रहा है जिससे बेरोजगारी में इजाफा हो रहा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा,‘‘निवेश तो तब आता है, जब निवेशकों को सरकारी तंत्र पर विश्वास हो।

मंदिर या मस्जिद जाने से निवेश नहीं आने वाला है और रोजगार के नये अवसर नहीं बनने वाले हैं।’’ उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे सूबे में जुलाई के दौरान होने वाले नगरीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के ‘‘बहकावे’’ में न आएं और अपना भविष्य गढ़ने के लिए “सच्चाई” का साथ दें। कमलनाथ, इंदौर नगर निगम चुनावों में महापौर पद के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार संजय शुक्ला की नामांकन रैली को संबोधित कर रहे थे।

शुक्ला, शहर के विधायक भी हैं और भाजपा ने उनके खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव को चुनावी मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि महापौर पद के लिए भाजपा उम्मीदवार के तौर पर अपने नाम की बुधवार दोपहर अधिकृत घोषणा से महज दो घंटे पहले, भार्गव ने अतिरिक्त महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दिया और अपने चुनावी राजनीति में पहला कदम रखा।

भार्गव ने भले ही कोई सियासी चुनाव नहीं लड़ा हो, लेकिन वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सक्रिय तौर पर जुड़े रहे हैं। इंदौर नगर निगम चुनाव के तहत छह जुलाई को मतदान होना है।

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