मुरादाबाद : नेपाली किशोरी का भविष्य अधर में, पुनर्वासन के लिए सीडब्ल्यूसी ने दूतावास को भेजा पत्र

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। सिलसिलेवार दुष्कर्म की शिकार नेपाली किशोरी का भविष्य अधर में लटका है। नेपाली दूतावास की मंथर चाल व पीड़िता के परिजनों की उदासीनता से बाल कल्याण समिति 10 दिन बाद भी यह तय नहीं कर पाई है कि किशोरी का पुनर्वासन कहां किया जाए? पुनर्वासन सुनिश्चित करने के प्रयास में न्यायपीठ ने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सिलसिलेवार दुष्कर्म की शिकार नेपाली किशोरी का भविष्य अधर में लटका है। नेपाली दूतावास की मंथर चाल व पीड़िता के परिजनों की उदासीनता से बाल कल्याण समिति 10 दिन बाद भी यह तय नहीं कर पाई है कि किशोरी का पुनर्वासन कहां किया जाए? पुनर्वासन सुनिश्चित करने के प्रयास में न्यायपीठ ने नेपाली दूतावास को पत्र लिखा है। राहत की बात है कि नेपाली दूतावास ने पीड़िता के परिजनों को तलाशने का दावा किया है। परिजनों के मुरादाबाद पहुंचने का इंतजार हो रहा है।

सिविल लाइंस पुलिस ने पांच मई को हरथला स्टेशन के पास सुनसान मकान में छापेमारी कर ऑटो चालक को दबोचा था। उसके कब्जे से नेपाली किशोरी बरामद हुई। पड़ोसियों ने चालक पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस की पूछताछ में किशोरी चुप रही, तब सिविल लाइंस पुलिस ने मामला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया। वहां दूसरे दिन किशोरी ने जो दावा किया, उसे कलमबद्ध होते न्यायपीठ सन्न रह गई। किशोरी ने बताया कि रामपुर के इमरान के साथ उसका जबरिया निकाह कराया गया था। निकाह बाद 10 दिनों तक इमरान व उसके भाई ने उसको पहले हवस का शिकार बनाया और बाद में दिल्ली के असलम के हाथ 30,000 रुपये में बेच दिया। असलम ने एक हफ्ते तक दुष्कर्म किया। असलम को चकमा देकर किशोरी मुरादाबाद जंक्शन पहुंची। यहां ऑटो चालक नाजिम ने किशोरी को रोटी का लालच देकर पांच दिनों तक दुष्कर्म करता रहा।

एक को जेल भेजा, शेष अभियुक्तों की तलाश जारी
न्यायपीठ की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने चारों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया। नाजिम दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। शेष अभियुक्तों को पुलिस तलाश रही है। नेपाली किशोरी फिलहाल वन स्टाप सेंटर में है। उसके पुनर्वासन को लेकर चिंतित सीडब्ल्यूसी लगातार नेपाली दूतावास के संपर्क में है। बुधवार को सीडब्ल्यूसी के सदस्य हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि नेपाली दूतावास के अधिकारी से बातचीत में पता चला कि पीड़िता के परिजनों की तलाश हो गई है। उन्हें जल्दी मुरादाबाद पहुंचने को कहा गया है। पीड़िता के परिजनों की काउंसिलिंग की जाएगी। तब सुनिश्चित होगा कि नेपाली किशोरी का कहां और किसके सुपुर्द किया जाएगा। यदि पीड़िता ने परिजनों संग जाने से इंकार किया, तो किशोरी लखनऊ स्थित बालिका गृह भेज दी जाएगी। इससे संबंधित पत्र नेपाली दूतावास को न्यायपीठ ने भेजा है।

ये भी पढ़ें : मुरादाबाद में लगी धारा 144, बिना इजाजत जुलूस, जलसा, शोभायात्रा निकालने पर होगी कार्रवाई

संबंधित समाचार