मुरादाबाद: युवाओं को सरकारी विवि का इंतजार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। चार जिले में छह सांसद और 27 विधायक देने वाले मंडल को सरकारी विश्वविद्यालय का इंतजार है। यह अब कोई महज चुनावी नारा नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं की आवाज है। यह जरूरत शासन के गलियारे तक स्वीकार कर ली गई है। लेकिन उसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। ऐसे में बोर्ड …

मुरादाबाद, अमृत विचार। चार जिले में छह सांसद और 27 विधायक देने वाले मंडल को सरकारी विश्वविद्यालय का इंतजार है। यह अब कोई महज चुनावी नारा नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं की आवाज है। यह जरूरत शासन के गलियारे तक स्वीकार कर ली गई है। लेकिन उसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आ जाने के बाद सरकारी विश्वविद्यालय की जरूरत फिर चर्चा में है।

  • राजनैतिक पैरवी और युवाओं की मांग पर मुहर लगना बाकी
  • उच्च शिक्षा पाने वाले बरेली की ओर टकटकी लगाने को मजबूर

अगर जरूरत के आइने में देखें तो मुरादाबाद क्षेत्र ऐसा नाम है, जहां विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की कमी नहीं है। लेकिन, सभी निजी क्षेत्र में संचालित हैं। संसाधनहीन, कमजोर उच्च शिक्षा की इच्छा पालने वाले युवाओं को बरेली की ओर टकटकी लगाने की मजबूरी है। इस बीच मुरादाबाद जिला मुख्यालय पर इसके लिए भूमि का प्रबंध तो हो गया है। लेकिन, उसके बाद की कार्रवाई सन्नाटे में है। जिससे युवा अभिभावक और सामाजिक लोग जरूरी पहल की बात करते हैं।

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नगर विधायक रितेश गुप्ता, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, विधान परिषद सदस्य डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने राज्य विश्वविद्यालय की मांग की लंबी शृंखला अपने पास रखी है। हाल के दिनों में शहर विधायक रितेश और एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने इसके लिए उच्चशिक्षा मंत्री का ध्यान खींचा। सदन में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय के प्रस्ताव मांगे गए थे। तत्काली जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने पहले प्रस्ताव सरकार को भेजा था।

सूत्र कहते हैं कि राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में सरकारी विश्वविद्यालय निर्माण का प्रस्ताव स्थानीय स्तर से भेजा जा चुका है। पिछले साल सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से जनप्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय का जिक्र भी किया था।

लाखों छात्रों को मिलेगी राहत
मुरादाबाद इकलौता मंडल है, जिसमें सरकारी विश्वविद्यालय नहीं है। मंडल में मुरादाबाद के अलावा रामपुर, अमरोहा, संभल और बिजनौर जनपद के 334 महाविद्यालयों में लगभग ढाई लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां राज्य विश्वविद्यालय नहीं होने की वजह से सभी राजकीय, अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की संबद्धता एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से है। उधर, मुरादाबाद दो निजी विश्वविद्यालय हैं, लेकिन सरकारी विश्वविद्यालय की कमी विद्यार्थियों को परेशान करती है। विद्यार्थियों को प्रवेश के समय, परीक्षा के समय, डिग्री लेने के समय होने वाली छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी बरेली के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

20.9 एकड़ जमीन हो चुकी है चिह्नित
कांठ रोड पर राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में राजकीय विवि के लिए 20.95 एकड़ जमीन चिह्नित की जा चुकी है। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है। सरकार की हरी झंडी मिलते ही यहां काम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

मंडल में मेडिकल कालेज की समस्या का मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया है। बिजनौर में मेडिकल कालेज बन रहा है। मुरादाबाद में सरकारी विश्वविद्यालय की घोषणा उन्होंने कर दी है। राज्य की जरूरत और दिल्ली से सटे होने के नाते सरकारी विश्व विद्यालय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने इसका प्रस्ताव मंगवाया है। उम्मीद है कि निर्माण की शीघ्र ही मंजूरी मिल जाएगी। -आन्जनेय कुमार सिंह, आयुक्त मंडल मुरादाबाद

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