बरेली: पूर्व सैनिकों को डीएम ने पढ़ाया ”अग्निपथ” का पाठ

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बरेली, अमृत विचार। सेना में अग्निवीरों को भर्ती करने के लिए केंद्र सरकार अग्निपथ योजना लेकर आई है। इस योजना का युवा खुलकर विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दल भी चिंगारी भड़का रहे हैं। अग्निपथ का विरोध करते हुए सोमवार को सैनिक प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे सेना …

बरेली, अमृत विचार। सेना में अग्निवीरों को भर्ती करने के लिए केंद्र सरकार अग्निपथ योजना लेकर आई है। इस योजना का युवा खुलकर विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दल भी चिंगारी भड़का रहे हैं। अग्निपथ का विरोध करते हुए सोमवार को सैनिक प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी भी कलेक्ट्रेट पहुंचे।

दोपहर करीब 12 बजे सेना के कई पूर्व अफसर और सैनिक जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी से मिले। पूर्व सैनिकों ने योजना का विरोध करते हुए कहा कि चार साल की सेवा कर 65 प्रतिशत जो अग्निवीर घर आएंगे तो वे नौकरी न मिलने, आय का जरिया न होने पर भटककर गलत रास्ते पर जा सकते हैं। क्योंकि, अग्निवीर बनने वालों में अधिकांश युवा गरीब परिवार से ही होंगे।

इस बीच उन्हें पढ़ाई का समय भी नहीं मिलेगा। कई अन्य बिंदुओं पर भी पूर्व सैनिकों ने फोकस करते हुए योजना की खुलकर खिलाफत की। पूर्व सैनिकों के मन की चिंता दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने करीब आधे घंटे तक अग्निपथ योजना के बिंदुओं पर पाठ पढ़ाया। योजना को लेकर उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए डीएम ने उनके जवाब पढ़कर खूबियां गिनाईं।

डीएम ने कहा कि चार साल की सेवा करने वाले अग्निवीरों का एक टेस्ट होगा। उसमें सफल करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी किया जाएगा। 10 प्रतिशत को सीआरपीएफ और राज्य पुलिस में नौकरी मिलेगी। इसके साथ जो भी अग्निवीर घर लौटेंगे, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट नहीं होगा। सेना उन्हें इतनी धनराशि दे रही है कि उस रुपये से वे घर आकर अच्छा व्यवसाय कर सकते हैं। जो पढ़ाई जारी रखेंगे, उनके लिए अन्य विभागों में भी नौकरियां खुली रहेंगी।

डीएम ने पूर्व सैनिकों को समझाते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि विश्व में तीन माह से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद जो परिदृश्य बना हुआ है। उसने हर देश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि सेना का प्रशिक्षण युवाओं को जरूर लेना चाहिए। ऐसे में अग्निवीर के जरिए भारत में घर-घर अग्निवीर तैयार हो जाएंगे। इसका फायदा देश को ही मिलेगा। इजराइल में प्रत्येक युवा को सेना की ट्रेनिंग करना अनिवार्य है।

गलत रास्ते पर जाने के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि अग्निवीरों को पढ़ने का मौका भी मिल रहा है। बरेली में पूर्व में जिलाधिकारी रहे आर विक्रम सिंह भी कैप्टन हैं। उन्होंने सेना में नौकरी करने के बाद पीसीएस निकाला और आईएएस बनकर जिलाधिकारी बने थे। डीएम ने कई अन्य बिंदुओं पर भी पूर्व सैनिकों को अग्निपथ के फायदे बताए।

पूर्व सैनिकों से अनुरोध करते हुए कहा कि आप लोग सेना में नौकरी करके आए हैं, इसलिए युवाओं को अग्निपथ के फायदे बताएं विरोध न करें। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने डीएम के साथ फोटो खिंचवाया और फिर कलेक्ट्रेट से चले गए। इस दौरान राकेश कुमार सिंह, हरपाल सिंह, लियाकत अली खान, मानसिंह, महिंद्र गंगवार, एमए खान, रमेश चंद शास्त्री, एम पी सिंह, कुलदीप सिंह पवार उपस्थित रहे।

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